लोड हो रहा है...

धोखाधड़ी और प्रताड़ना: श्री बंशीधर नगर में इनायत अंसारी ने प्रेम के नाम पर पहचान छुपाकर युवती से किया छल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

रांची | सोमवार,  12 मई 2026

झारखंड के गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों में विश्वास और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने एक युवक पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी धार्मिक पहचान और वैवाहिक स्थिति छुपाकर न केवल उसे प्रेम जाल में फंसाया, बल्कि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया।

हैदराबाद से शुरू हुई थी ‘सोनू’ की प्रेम कहानी

पीड़िता कांति ऊरईन (निवासी: केशा गांव, रांची) ने बताया कि करीब छह महीने पहले जब वह हैदराबाद में कार्यरत थी, तब उसकी मुलाकात कुष्डदंड गांव के इनायत अंसारी से हुई थी। आरोप है कि इनायत ने अपनी असली पहचान छुपाकर खुद को ‘सोनू’ बताया और खुद को हिंदू और अविवाहित जाहिर किया। इसी आधार पर उसने युवती को प्रेम जाल में फंसाया और जनवरी 2026 में शादी का वादा कर उसे अपने घर ले आया।

सच्चाई सामने आते ही शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर

जब युवती युवक के घर पहुँची, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे पता चला कि जिसे वह ‘सोनू’ समझ रही थी, वह इनायत अंसारी है, जो पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है।

पीड़िता के अनुसार, सच्चाई जानने के बाद जब उसने विरोध किया, तो उस पर दबाव बनाया जाने लगा। युवती का आरोप है कि:

  • उसे जबरन प्रतिबंधित खान-पान (धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध) के लिए मजबूर किया गया।

  • मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे कमरे में बंद रखा गया।

  • आरोपी के माता-पिता (जहरूदीन अंसारी और मैरून बीबी) ने भी इसमें सहयोग किया और युवती का खर्च बंद कर दिया।

पुलिस की भूमिका और वर्तमान कार्रवाई

इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। पीड़िता का दावा है कि उसने दो महीने पहले भी महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय उसे समझा-बुझाकर वापस युवक के घर भेज दिया था।

अब शनिवार को दोबारा आवेदन मिलने के बाद महिला थाना प्रभारी रुक्मिणी कुमारी ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।