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ओमान तट पर बढ़ता सैन्य संकट: MT Jalveer पर हमला और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का पूरा सच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मस्कट । गुरुवार, 11 जून 2026

ओमान की खाड़ी और मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य गतिरोध अब एक भीषण मानवीय और कूटनीतिक संकट में तब्दील हो चुका है। इस युद्ध जैसी स्थिति का सबसे बड़ा खामियाजा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और उन पर तैनात बेकसूर भारतीय नाविकों को भुगतना पड़ रहा है।

गुरुवार, 11 जून 2026 को ओमान के शिनास पोर्ट (Shinas Port) के पास एक और वाणिज्यिक पोत MT Jalveer पर हमला हुआ, जिसने भारत सरकार की चिंताओं को अत्यधिक बढ़ा दिया है। पिछले चार दिनों के भीतर भारतीय चालक दल (Indian Crew) वाले जहाजों पर यह तीसरा बड़ा हमला है।

MT Jalveer हमला: क्या है ताजा स्थिति?

गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले डामर/बिटुमेन टैंकर (Asphalt/Bitumen Tanker) ‘MT Jalveer’ पर गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के करीब हमला किया गया। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम और चिमनी में भीषण आग लग गई, जिसके बाद क्रू मेंबर्स द्वारा ‘SOS’ (आपातकालीन संदेश) जारी किया गया।

ताजा अपडेट: शुरुआती खबरों में इस हमले के पीछे के हमलावरों को लेकर अनिश्चितता जताई जा रही थी, लेकिन अब यह साफ हो चुका है कि यह हमला अमेरिकी नौसेना (US Navy) और CENTCOM (अमेरिकी सेंट्रल कमांड) की सेनाओं द्वारा किया गया है। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी (Blockade) के नियमों का उल्लंघन कर रहा था।

राहत की बात यह है कि इस जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। ओमान में भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत समन्वय स्थापित कर सभी को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया है।

4 दिनों में 3 जहाजों को बनाया गया निशाना: कब क्या हुआ?

मध्य पूर्व में जारी इस नाकाबंदी के चलते इस हफ्ते एक के बाद एक तीन जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिससे नाविकों के परिवारों में भारी आक्रोश और चिंता है।

तारीख (दिन)जहाज का नाम (ध्वज)भारतीय नाविकघटना और वर्तमान स्थिति
8 जून (सोमवार)MT Marivex (पालाऊ)24 नाविकहोर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में अमेरिकी कार्रवाई के कारण आग लगी; सभी 24 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
10 जून (बुधवार)MT Settebello (पालाऊ)24 नाविकअमेरिकी विमान द्वारा इंजन रूम पर मिसाइल हमला। 3 भारतीय नाविकों (आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश) की दुखद मृत्यु हो गई।
11 जून (गुरुवार)MT Jalveer (गिनी-बिसाऊ)20 नाविकअमेरिकी स्ट्राइक से इंजन रूम में आग लगी। सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और रेस्क्यू जारी है।

भारत सरकार का कड़ा रुख और राजनयिक विरोध

ओमान तट पर वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों और विशेष रूप से ‘MT Settebello’ पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है।

  1. अमेरिकी राजनयिक को तलब किया: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर इस कार्रवाई पर अपना कड़ा विरोध (Strong Protest) दर्ज कराया है।

  2. अंतरराष्ट्रीय कानूनों की दुहाई: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर निर्बाध आवागमन और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोपरि है।

  3. मुआवजा और सहायता: फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) और भारत सरकार पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं। जान गंवाने वाले नाविकों के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए ओमान प्रशासन से बात चल रही है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार पर खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच इस सीधी जंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और ओमान की खाड़ी के व्यापारिक मार्ग को पूरी तरह असुरक्षित कर दिया है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने के दावों और अमेरिका द्वारा गैर-अनुपालन वाले जहाजों पर सीधे सैन्य हमले करने की नीति ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

भारत ने वैश्विक मंचों से अपील की है कि दोनों पक्ष तुरंत तनाव कम करें और कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस सैन्य संकट का समाधान निकालें, ताकि समुद्र में काम करने वाले निर्दोष नाविकों की जान बचाई जा सके।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।