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BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में बांग्लादेश के PM तारिक रहमान के आने पर संशय, जानिए द्विपक्षीय संबंधों के मायने

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
नई दिल्ली | मंगलवार, 11 अगस्त 2026
नई दिल्ली में आगामी 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले 18वें BRICS Summit की तैयारियां जोरों पर हैं। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और दुनिया के प्रमुख उभरते आर्थिक देशों के इस मंच पर कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होनी है। हालांकि, इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बीच पड़ोस की कूटनीति से जुड़ा एक बड़ा सवाल चर्चा के केंद्र में आ गया है—क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान नई दिल्ली आएंगे?
फिलहाल बांग्लादेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा और BRICS आउटरीच सत्र में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

निमंत्रण और बांग्लादेश सरकार का आधिकारिक रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को सम्मेलन का औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह निमंत्रण पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को अग्रसारित कर दिया गया है।
विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार इस निमंत्रण पर गंभीरता से विचार कर रही है। बांग्लादेश एक लोकतांत्रिक देश के रूप में क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है, लेकिन इस समय सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भौतिक उपस्थिति को लेकर आंतरिक विचार-विमर्श जारी है।

राजनयिक हलचल और भारत-बांग्लादेश संबंध

तारिक रहमान का यह संभावित दौरा केवल एक वैश्विक मंच की उपस्थिति तक सीमित नहीं है। हाल ही में बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में बांग्लादेशी प्रधानमंत्री और उच्च अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस बैठक में क्षेत्रीय सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम करने पर चर्चा हुई।
भारत और बांग्लादेश के बीच वर्तमान में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दे लंबित हैं:
  1. व्यापार एवं कनेक्टिविटी: दोनों देशों के बीच सीमा पार व्यापार और ट्रांसिट रूट को सुगम बनाने पर चर्चा जरूरी है।
  2. तीस्ता जल बंटवारा एवं गंगा जल संधि की समीक्षा: 1996 की गंगा जल संधि की मियाद दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है, जिस पर दोनों देशों को नए सिरे से सहमति बनानी है।
  3. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण: ढाका द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री के प्रत्यर्पण की मांग और भारत में उनकी उपस्थिति के मुद्दे ने दोनों देशों के कूटनीतिक संवाद में संवेदनशीलता बढ़ा दी है।
यदि तारिक रहमान नई दिल्ली का दौरा करते हैं, तो शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित द्विपक्षीय वार्ता दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दे सकती है।

BRICS Summit 2026: एक नज़र में प्रमुख तथ्य

विवरणविवरण जानकारी
कार्यक्रम18वां BRICS Summit (2026)
तिथि12-13 सितंबर 2026
स्थाननई दिल्ली, भारत
मेजबान देशभारत
बांग्लादेश की स्थितिनिमंत्रण प्राप्त; यात्रा पर अंतिम निर्णय लंबित

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. BRICS Summit 2026 का आयोजन कहां और कब हो रहा है?
उत्तर: 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
Q2. क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत आ रहे हैं?
उत्तर: भारत ने उन्हें औपचारिक निमंत्रण भेजा है, लेकिन बांग्लादेश सरकार ने इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
Q3. भारत और बांग्लादेश के बीच कौन से प्रमुख मुद्दे चर्चा में हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से गंगा जल संधि का नवीनीकरण, तीस्ता नदी जल बंटवारा, सीमा सुरक्षा, व्यापारिक कनेक्टिविटी और शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

  • अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध कूटनीतिक जानकारियों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि बांग्लादेश प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी अंतिम विज्ञप्ति के बाद ही मान्य होगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।