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पीएम मोदी ने चेन्नई में किया ₹13,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे को मिली नई रफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

चेन्नई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के चेन्नई में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक परिदृश्य को बदलने वाली ₹13,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इन दूरगामी परियोजनाओं में मेट्रो रेल विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक्स और उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये विकास कार्य तमिलनाडु में कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे। इससे न केवल आम नागरिकों का जीवन सुगम होगा, बल्कि राज्य में उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के लाखों नए अवसर भी निर्मित होंगे।

 

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चेन्नई मेट्रो फेज–2 को मिली ₹4,900 करोड़ की सौगात

शहर में दैनिक आवागमन को सुचारू बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो फेज–2 के पूनमल्ली से वडापलानी के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन किया।

  • लागत: करीब ₹4,900 करोड़।
  • लाभ: मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों की कनेक्टिविटी शहर के मुख्य हिस्से से मजबूत होगी, यात्रा समय में भारी कमी आएगी तथा सड़क परिवहन पर दबाव और वायु प्रदूषण को घटाने में मदद मिलेगी।

 

₹3,700 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं

तमिलनाडु के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए लगभग ₹3,700 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की घोषणा की गई।

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  • इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों, आर्थिक हब और प्रमुख शहरों के बीच माल ढुलाई (Logistics) को अधिक तीव्र और किफायती बनाना है।
  • बेहतर सड़क नेटवर्क से राज्य के अंदर लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा।

 

अमृत भारत स्टेशन योजना: 5 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प

रेलवे ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के तहत प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पांच पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया:

  1. पलानी (Palani)
  2. वेल्लोर कैंटोनमेंट (Vellore Cantonment)
  3. अंबसमुद्रम (Ambasamudram)
  4. परमक्कुडी (Paramakkudi)
  5. नमक्कल (Namakkal)

इन स्टेशनों के आधुनिक बनने से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और रेलवे परिसर आधुनिक सिटी सेंटरों के रूप में विकसित होंगे।

 

पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक्स का विस्तार

समुद्री व्यापार में तमिलनाडु की अग्रणी भूमिका को देखते हुए चेन्नई पोर्ट, कामराजर पोर्ट और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। बंदरगाहों की क्षमता और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बढ़ने से भारत का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और अधिक सुगम होगा।

 

IIT मद्रास का ‘सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर‘ समर्पित

वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री ने IIT मद्रास में निर्मित सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर (Sudha Gopalakrishnan Brain Centre) को राष्ट्र को समर्पित किया।

  • विशेषता: यह सेंटर मानव मस्तिष्क और न्यूरोसाइंस के उन्नत अनुसंधान पर केंद्रित है।
  • प्रभाव: इस अत्याधुनिक केंद्र से चिकित्सा विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी और एआई आधारित स्वास्थ्य तकनीकों में नए अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

 

विकास, निवेश और रोजगार का नया अध्याय

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु भारत की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण इंजन है। इन बुनियादी ढांचा सुधारों से स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ पहुंचेगा, व्यापार में सुगमता आएगी और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ):

Q1. पीएम मोदी ने चेन्नई में कितनी लागत की परियोजनाओं का उद्घाटन किया?

उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के चेन्नई में ₹13,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया।

Q2. चेन्नई मेट्रो Phase-2 का कौन सा रूट चालू हुआ है?

उत्तर: चेन्नई मेट्रो फेज-2 के तहत पूनमल्ली से वडापलानी के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबा रूट शुरू हुआ है, जिसकी निर्माण लागत लगभग ₹4,900 करोड़ है।

Q3. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किन स्टेशनों का उद्घाटन किया गया?

उत्तर: इसके तहत तमिलनाडु के 5 रेलवे स्टेशनों—पलानी, वेल्लोर कैंटोनमेंट, अंबासमुद्रम, परमक्कुडी और नमक्कल का आधुनिकीकरण कर उद्घाटन किया गया।

Q4. IIT मद्रास में किस अनुसंधान केंद्र को समर्पित किया गया?

उत्तर: IIT मद्रास में मानव मस्तिष्क और न्यूरोसाइंस अनुसंधान पर केंद्रित सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को राष्ट्र को समर्पित किया गया।

 

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अस्वीकरण (Disclaimer):

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध प्रेस जानकारियों और समाचार रिपोर्टों के आधार पर सामान्य सूचनात्मक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। परियोजनाओं की तिथियों, लागत और अन्य विवरणों में प्रशासनिक आधार पर परिवर्तन संभव है। अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक विज्ञप्ति देखें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।