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जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन सतर्क’: सीमा पर 5 पाकिस्तानी ड्रोन दिखने से हड़कंप, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर

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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों—राजौरी, पुंछ और सांबा—में पिछले तीन दिनों से जारी संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया है। गणतंत्र दिवस से पहले दुश्मन की ‘ड्रॉप एंड फ्लाई’ साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना, BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सतर्क’ शुरू किया है।

एक ही शाम 5 संदिग्ध ड्रोन: सेना ने की भारी फायरिंग

11 जनवरी 2026 की शाम नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर एक साथ पांच पाकिस्तानी ड्रोनों की हलचल देखी गई।

  • नौशेरा सेक्टर: शाम 6:35 बजे गनिया-कलसियान गांव के पास ड्रोन दिखने पर सेना ने MMG और LMG से जबरदस्त फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन वापस सीमा पार भाग गए।

  • पुंछ व सांबा: शाम 6:25 बजे पुंछ के मनकोट और 7:15 बजे सांबा के रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन मंडराते देखे गए।

‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत सघन तलाशी अभियान

ड्रोन द्वारा हथियार या नशीले पदार्थों की खेप गिराए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने ‘कॉर्डन एंड सर्च’ ऑपरेशन तेज कर दिया है:

  • सांबा सेक्टर: रामगढ़ और विजयपुर के खेतों में स्निफर डॉग्स और मेटल डिटेक्टरों की मदद ली जा रही है ताकि जमीन में छिपाए गए विस्फोटकों का पता लगाया जा सके।

  • राजौरी: नौशेरा के घने जंगलों और नालों को खंगाला जा रहा है, जहाँ कल रात संदिग्ध गतिविधियों के बाद फायरिंग की खबरें आई थीं।

  • पुंछ: खड़ी करमाड़ा और चकदां बाग जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकियां स्थापित की गई हैं।

‘ड्रॉप एंड फ्लाई’ तकनीक: आतंकियों तक खेप पहुँचाने की साजिश

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 9 जनवरी को सांबा में बरामद हुई पिस्तौल और ग्रेनेड की खेप इस बात का प्रमाण है कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन हथियारों को पंजाब या कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी समूहों तक पहुँचाया जाना था।

4. ओजीडब्ल्यू (OGWs) और स्थानीय नेटवर्क पर शिकंजा

खुफिया एजेंसियां (IB) और पुलिस इस साजिश के पीछे छिपे ‘हैंडलर्स’ की पहचान करने में जुटी हैं:

  • डिजिटल जांच: संदिग्ध इलाकों का मोबाइल डंप डेटा खंगाला जा रहा है।

  • हिरासत और पूछताछ: सांबा और राजौरी में संदिग्ध रिकॉर्ड वाले कई युवाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

  • पुराना रिकॉर्ड: पिछले 2 वर्षों में ड्रोन गतिविधियों में शामिल रहे संदिग्धों की नई सूची बनाकर उनकी वर्तमान गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

हाई-टेक निगरानी और एंटी-ड्रोन कवच

दुश्मन की हर चाल पर नजर रखने के लिए सीमा पर आधुनिक तकनीक तैनात की गई है:

  • नाइट विजन व थर्मल इमेजर्स: रात के अंधेरे में घुसपैठ रोकने के लिए हाई-टेक कैमरों का उपयोग।

  • स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम: महत्वपूर्ण ठिकानों पर ऐसे सिस्टम लगाए गए हैं जो ड्रोन के सिग्नल जाम कर उन्हें गिराने में सक्षम हैं।

  • जनता से अपील: प्रशासन ने सीमावर्ती ग्रामीणों को किसी भी लावारिस वस्तु को न छूने और तुरंत पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया है।

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