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वेनेजुएला संकट: डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को घोषित किया ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’, अमेरिका ने नागरिकों को देश छोड़ने का दिया अल्टीमेटम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के संघर्ष ने अब एक अभूतपूर्व मोड़ ले लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खुद को वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ (Acting President) घोषित करने के दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारी उथल-पुथल मच गई है। इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सख्त ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी की है।

ट्रंप का चौंकाने वाला दावा और ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ का मुद्दा

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुद को वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पेश करते हुए दावा किया है कि वेनेजुएला का भविष्य अब अमेरिका की देखरेख में होगा। ट्रंप का यह बयान निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और न्यूयॉर्क लाए जाने के बाद आया है।

ट्रंप ने तर्क दिया है कि जब तक वेनेजुएला में पूरी तरह से लोकतांत्रिक सरकार स्थापित नहीं हो जाती और वहां के तेल संसाधनों पर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका वहां की व्यवस्था को “संचालित” करेगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दावे को लेकर कानूनी और कूटनीतिक बहस छिड़ गई है।

अमेरिकी नागरिकों को तत्काल निकासी के निर्देश

वेनेजुएला में बढ़ते तनाव और मादुरो समर्थक गुटों द्वारा अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाए जाने की आशंका के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ‘लेवल-4’ (Do Not Travel) की चेतावनी जारी की है।

  • तत्काल प्रस्थान: वेनेजुएला में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को उपलब्ध व्यावसायिक साधनों या चार्टर्ड उड़ानों से तुरंत देश छोड़ने को कहा गया है।

  • हिंसा की आशंका: काराकास की सड़कों पर ‘कोलेक्टिवोस’ (सशस्त्र नागरिक समूह) की बढ़ती सक्रियता और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

वैश्विक राजनीति में हलचल

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज ने ट्रंप के दावों को वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला बताया है। वहीं, रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के नाम पर सत्ता हड़पने की कोशिश करार दिया है।

तेल बाजार पर प्रभाव

वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। ट्रंप द्वारा तेल संसाधनों पर नियंत्रण की बात करने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि वेनेजुएला कच्चे तेल का एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।