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गाजियाबाद में ‘डिजिटल स्ट्राइक’: नाहल गांव से वकील समेत 6 संदिग्ध गिरफ्तार, WhatsApp ग्रुप बना था देश विरोधी गतिविधियों का अड्डा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े संदिग्ध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव से पुलिस और खुफिया विभाग (IB) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का गंभीर आरोप है।

पकड़े गए संदिग्धों में एक पेशेवर अधिवक्ता (वकील) भी शामिल है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हैरान हैं। पुलिस अब इन सभी पर सख्त UAPA (unlawful Activities Prevention Act) के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

? सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’ से खुला राज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस लोनी इलाके में सलीम वास्तविक पर हुए जानलेवा हमले के बाद सोशल मीडिया की गहन निगरानी (Monitoring) कर रही थी। जांच के दौरान नाहल गांव के कुछ फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट साझा किए जाने के सुराग मिले।

WhatsApp ग्रुप बना था ‘कंट्रोल रूम’

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने एक सक्रिय WhatsApp ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप का इस्तेमाल निम्न कार्यों के लिए किया जा रहा था:

  • जिहादी कंटेंट: ग्रुप में कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी वीडियो और मैसेज साझा किए जा रहे थे।

  • युवाओं का ब्रेनवॉश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं को इस ग्रुप से जोड़कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी।

  • भड़काऊ संदेश: समाज में वैमनस्य फैलाने वाले पोस्ट लगातार फॉरवर्ड किए जा रहे थे।

उत्तर प्रदेश अपराध समाचार: matribhumisamachar.com/category/uttar-pradesh/crime

? कौन हैं ये 6 संदिग्ध? (प्रोफाइल)

हिरासत में लिए गए लोगों की उम्र 20 से 48 वर्ष के बीच है, जो दर्शाता है कि यह नेटवर्क युवाओं और अनुभवी लोगों का एक मिश्रण था:

नामउम्रपेशा/विवरण
इकराम36 वर्षपेशे से वकील (अधिवक्ता)
शावेज20 वर्षनाहल निवासी
जुनैद23 वर्षनाहल निवासी
फरदीन22 वर्षनाहल निवासी
फजलू48 वर्षनाहल निवासी
जावेद45 वर्षनाहल निवासी

? ATS और IB की एंट्री: बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS (Anti-Terrorism Squad) और Intelligence Bureau (IB) को तत्काल सूचित कर दिया गया है।

एजेंसियों की जांच के मुख्य बिंदु:

  1. फंडिंग का स्रोत: क्या इन लोगों को कहीं से वित्तीय मदद मिल रही थी?

  2. विदेशी कनेक्शन: क्या इस WhatsApp ग्रुप के तार सीमा पार या किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़े हैं?

  3. स्लीपर सेल की आशंका: क्या ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे?

गाजियाबाद स्थानीय खबरें: matribhumisamachar.com/tag/ghaziabad-news

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलर्ट

इस खुलासे के बाद मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे पड़ोसी जिलों में भी सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

सावधानी की अपील: गाजियाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात WhatsApp ग्रुप का हिस्सा न बनें और न ही किसी संदिग्ध या भड़काऊ संदेश को आगे बढ़ाएं। डिजिटल दुनिया में आपकी एक छोटी सी गलती आपको सलाखों के पीछे पहुँचा सकती है।

ATS और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई: matribhumisamachar.com/tag/ats-up-police

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।