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कानपुर में ‘आप’ का हल्ला बोल: LPG की बढ़ती कीमतों और गैस किल्लत के खिलाफ 14 मार्च को घंटाघर पर विशाल प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत से आम जनता और व्यापारियों में बढ़ते आक्रोश के बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के निर्देश पर आगामी 14 मार्च (शनिवार) को कानपुर के ऐतिहासिक घंटाघर स्थित भारत माता की प्रतिमा पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

ज़ूम बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

गुरुवार को आम आदमी पार्टी कानपुर की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण ज़ूम बैठक संपन्न हुई। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए जिला प्रवक्ता मदनलाल भाटिया ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई हालिया बढ़ोतरी (₹60 प्रति सिलेंडर) और बाजार में कमर्शियल गैस की किल्लत ने महंगाई को चरम पर पहुंचा दिया है। इससे न केवल रसोई का बजट बिगड़ा है, बल्कि छोटे व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।

घंटाघर पर होगा प्रदर्शन

मदनलाल भाटिया ने प्रेस को जारी बयान में स्पष्ट किया कि शनिवार, 14 मार्च को कार्यकर्ता घंटाघर पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उनकी मुख्य मांगें हैं:

  1. एलपीजी गैस की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लिया जाए।

  2. कमर्शियल गैस की किल्लत और उसकी कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।

  3. महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

बैठक में उपस्थित प्रमुख नेता

ज़ूम बैठक की अध्यक्षता अनुज शुक्ला ने की। इसका संचालन संगठन महामंत्री योगेश दीक्षित एवं जिला महामंत्री नरेश चन्द्र अग्रवाल द्वारा किया गया। बैठक में प्रभारी कानपुर नगर आशुतोष सेंगर, प्रदेश महामंत्री विनय पटेल, मोहम्मद वसीम, सौरभ रतन गुप्ता, असलम मंसूरी, सुधीर सिन्हा, सरदार मनिंदर सिंह और जिला प्रवक्ता मदन लाल भाटिया सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।