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कानपुर मंडी भाव: गेहूं, दाल और सब्जियों की कीमतों में आई स्थिरता, जानें आपके शहर में आज क्या हैं रेट्स

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | रविवार, 12 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर की अनाज और सब्जी मंडियों में आज कारोबार सामान्य रहा। चकरपुर सब्जी मंडी और नवीन गल्ला मंडी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को अधिकांश कृषि उत्पादों की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर तालमेल के चलते व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है।

गेहूं और चावल के दामों में स्थिरता

नवीन गल्ला मंडी में अनाज की आवक सामान्य बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल के बाजार में आने के बाद से कीमतों में जो स्थिरता आई है, वह फिलहाल बरकरार रहेगी।

  • गेहूं: ₹2,300 से ₹2,350 प्रति क्विंटल

  • चावल: ₹3,500 प्रति क्विंटल (औसत)

  • मक्का: ₹1,700 से ₹2,200 प्रति क्विंटल

  • मोटा अनाज: ज्वार ₹2,100-₹2,500 और बाजरा ₹1,800 प्रति क्विंटल के स्तर पर टिका हुआ है।

ताजा भावों के लिए: कानपुर मंडी के ताजा भाव और विश्लेषण

सब्जी मंडी: आलू और प्याज के भाव नरम

चकरपुर मंडी में सब्जियों की आवक भरपूर होने से रसोई का बजट संतुलित बना हुआ है। आलू और प्याज जैसी बुनियादी सब्जियों के दाम पिछले हफ्ते के मुकाबले स्थिर हैं।

सब्जीभाव (प्रति क्विंटल)रिटेल अनुमान (प्रति किलो)
आलू₹450 – ₹600₹10 – ₹15
प्याज₹1,000₹15 – ₹20
लहसुन₹5,000₹70 – ₹90
हरी मिर्च₹4,500₹60 – ₹80

दालों और तेल तिलहन का बाजार

दलहन के बाजार में अरहर और मूंग की कीमतों में स्थिरता देखी गई। वहीं सरसों के भाव में मामूली उतार-चढ़ाव के बाद बाजार अब ठहराव पर है।

  • अरहर दाल: ₹8,050 प्रति क्विंटल

  • मूंग दाल: ₹9,275 प्रति क्विंटल

  • चना: ₹5,400 – ₹5,500 प्रति क्विंटल

  • सरसों: ₹5,800 – ₹6,000 प्रति क्विंटल

व्यापारियों का क्या है कहना?

मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों के अनुसार, वर्तमान में सप्लाई चेन (Supply Chain) पूरी तरह सुचारू है। “पिछले कुछ दिनों से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव नहीं होने से खुदरा दुकानदार भी माल उठाने में रुचि दिखा रहे हैं। यदि मौसम में अचानक बदलाव नहीं होता है, तो अगले एक सप्ताह तक भाव इसी दायरे में रहने की संभावना है।”

उपभोक्ताओं के लिए राहत

खाद्य तेलों और दालों की कीमतों में ठहराव आने से मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। थोक बाजार में स्थिरता का सीधा असर स्थानीय बाजारों और मोहल्ले की दुकानों पर भी देखने को मिल रहा है, जहाँ कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी नहीं हो रही है।

नोट: मंडी भाव दैनिक आवक और माल की गुणवत्ता के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार में दरों की पुष्टि अवश्य करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।