मस्कट।
पश्चिम एशिया के रणनीतिक रूप से संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) और ओमान के तटीय इलाकों के पास दो वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Vessels) पर हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन दोनों टैंकर्स पर कुल 22 भारतीय नाविक सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) और केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इन घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी कर भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।
MT Petro Dolphin पर ड्रोन हमला: 2 भारतीय नाविक लापता
निकारागुआ का झंडा लगे तेल टैंकर MT Petro Dolphin पर ओमान के सोहार एंकरेज (Sohar Anchorage) के पास एक संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया।
- चालक दल की स्थिति: हमले के वक्त जहाज पर कुल 11 भारतीय नाविक सवार थे।
- राहत व बचाव कार्य: स्थानीय तटरक्षक बल और ओमानी नौसेना की मदद से 9 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
- लापता नाविक: दो भारतीय नाविक (बीरबहादुर यादव और अमित सिंह) अभी भी लापता हैं। ओमानी अधिकारियों और भारतीय दूतावास (Muscat) के समन्वय से व्यापक Search and Rescue Operation चलाया जा रहा है।
MT Valthera पर प्रोजेक्टाइल हमला: आग लगी, सभी 11 नाविक सुरक्षित
दूसरी घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास की है, जहां मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर MT Valthera को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया।
- हमले के तुरंत बाद जहाज के ऊपरी हिस्से में आग लग गई।
- जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक राहत पहुंचा दी गई है। आपातकालीन टीमों ने समय रहते आग पर काबू पाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।
भारत का सख्त रुख और कूटनीतिक पहल
विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान जारी कर व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे लगातार हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक वक्तव्य:
“व्यापारिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और अबाध नौवहन (Freedom of Navigation) का अधिकार बनाए रखना आवश्यक है। भारत सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की अपील करता है।”
मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास लगातार ओमानी प्रशासन और शिप मैनेजमेंट कंपनियों से संपर्क बनाए हुए है ताकि missing crew members का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
वैश्विक नौवहन और अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे प्रमुख समुद्री तेल मार्गों (Chokepoints) में से एक है। इस मार्ग से दुनिया का लगभग 20-30% कच्चा तेल गुजरता है।
- इंश्योरेंस प्रीमियम (Shipping Insurance): लगातार सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण समुद्री जहाजों का वार-रिस्क इंश्योरेंस महंगा हो जाएगा।
- फ्रेट रेट्स में उछाल (Freight Rates): जहाजों का मार्ग बदलने या अतिरिक्त सुरक्षा इंतज़ाम करने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है।
- वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply): यदि इस क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
विस्तृत विश्लेषण के लिए आप Matribhumi Samachar की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: MT Petro Dolphin पर हमला कहाँ हुआ था?
उत्तर: यह ड्रोन हमला ओमान के तट के पास सोहार एंकरेज (Sohar Anchorage) पर हुआ था।
Q2: इस घटना में कुल कितने भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं?
उत्तर: दोनों जहाजों को मिलाकर कुल 22 भारतीय नाविक (11 MT Petro Dolphin + 11 MT Valthera) सवार थे।
Q3: लापता भारतीय नाविकों के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: ओमान तटरक्षक बल, स्थानीय नौसेना और भारतीय दूतावास के समन्वय से व्यापक खोज एवं बचाव (Search and Rescue) अभियान चलाया जा रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख आधिकारिक बयानों, विदेश मंत्रालय की सूचनाओं और उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों पर आधारित है। बचाव अभियान से जुड़े ताजा अपडेट्स के लिए कृपया रक्षा मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टलों से जानकारी की पुष्टि करें।

