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ब्रिक्स 2026: भारत ने संभाली कमान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लॉन्च किया नया लोगो और थीम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता संभाल ली है। मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर 13 जनवरी, 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में BRICS 2026 का आधिकारिक लोगो (Logo), वेबसाइट और थीम लॉन्च की। भारत ने ऐसे समय में ब्रिक्स की कमान संभाली है जब यह समूह अपने विस्तार के बाद एक नई वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, भारत की अध्यक्षता “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के “मानवता-प्रथम” (Humanity First) दृष्टिकोण से प्रेरित होगी।

1. नया लोगो: परंपरा और आधुनिकता का संगम

भारत द्वारा लॉन्च किया गया नया लोगो भारतीय संस्कृति और वैश्विक एकता का प्रतीक है:

  • कमल का प्रतीक: लोगो का मुख्य आकार भारत के राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ से प्रेरित है, जो समृद्धि, विरासत और लचीलेपन (Resilience) को दर्शाता है।

  • नमस्ते की मुद्रा: लोगो के केंद्र में ‘नमस्ते’ की मुद्रा है, जो सम्मान, स्वागत और सामंजस्यपूर्ण सहयोग का संदेश देती है।

  • विविध रंग: कमल की पंखुड़ियों में ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के झंडों के रंगों को शामिल किया गया है। यह “विविधता में एकता” और साझा उद्देश्य के लिए सामूहिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

2. आधिकारिक थीम (विषय)

भारत की अध्यक्षता के लिए जो थीम चुनी गई है, वह भविष्य की चुनौतियों से निपटने का एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करती है:

“लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण”

(Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability)

यह थीम बताती है कि भारत का ध्यान केवल आर्थिक विकास पर ही नहीं, बल्कि एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने पर है जो संकटों को झेलने में सक्षम हो और नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास सुनिश्चित करे।

3. भारत की प्राथमिकताएं और तीन मुख्य स्तंभ

विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की अध्यक्षता तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी:

  • राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग: वैश्विक शासन में सुधार और आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर जोर।

  • आर्थिक और वित्तीय साझेदारी: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना।

  • सांस्कृतिक और जन-केंद्रित आदान-प्रदान: सदस्य देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना।

4. डिजिटल प्लेटफॉर्म: brics2026.gov.in

विदेश मंत्री ने आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की, जो पूरे वर्ष होने वाली बैठकों, पहलों और परिणामों के लिए एक केंद्रीय सूचना केंद्र के रूप में कार्य करेगी। यह पारदर्शिता और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल हब होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।