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श्रीलंका सरकार का बड़ा कदम: चक्रवात प्रभावित छोटे उद्योगों के लिए 95 अरब रुपये का राहत पैकेज

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कोलंबो. श्रीलंका में हाल ही में आए चक्रवात ‘दित्वाह’ (Cyclone Ditwah) ने देश की अर्थव्यवस्था, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भारी नुकसान पहुँचाया है। इस संकट से उबरने के लिए श्रीलंका सरकार ने 95 अरब रुपये (LKR 95 Billion) का एक व्यापक राहत और ऋण पैकेज तैयार किया है। श्रीलंका सरकार ने प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे छोटे उद्यमियों को पुनर्जीवित करने के लिए एक ऐतिहासिक वित्तीय सहायता कार्यक्रम की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लगभग 1,30,000 उद्यमियों को कार्यशील पूंजी प्रदान करना और उन्हें फिर से पैरों पर खड़ा करना है।

1. पैकेज की मुख्य विशेषताएं

सरकार ने इस राहत पैकेज को ‘RE-MSME PLUS’ योजना के तहत एकीकृत किया है। इसकी प्रमुख शर्तें और प्रावधान निम्नलिखित हैं:

  • ब्याज दर: प्रभावित उद्योगों को मात्र 3% की रियायती वार्षिक ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा।

  • ऋण सीमा: * सूक्ष्म उद्यमी: 2,50,000 रुपये तक।

    • लघु उद्यमी: 10 लाख (1 मिलियन) रुपये तक।

    • मध्यम एवं बड़े उद्यमी: विशिष्ट परिस्थितियों में 2.5 करोड़ रुपये तक।

  • पुनर्भुगतान अवधि: ऋण चुकाने के लिए 3 वर्ष का समय दिया जाएगा।

  • ग्रेस पीरियड (छूट अवधि): उद्यमियों को शुरुआती 6 महीने तक कोई किस्त नहीं देनी होगी।

2. ऋण वितरण का तंत्र

इस योजना को केवल सरकारी बैंकों तक सीमित न रखकर इसका दायरा बढ़ाया गया है:

  • निजी बैंकों की भागीदारी: 12 निजी बैंकों ने इस योजना में शामिल होने के लिए आवेदन किया है।

  • केंद्रीय पूल: विकास वित्त विभाग (Development Finance Department) के तहत 95 अरब रुपये का एक केंद्रीय वित्तीय पूल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाएगा।

  • किस्त स्थगन (Moratorium): सेंट्रल बैंक ने पहले से कर्ज ले चुके प्रभावित उधारकर्ताओं के लिए 6 महीने के लोन मोराटोरियम की भी घोषणा की है।

3. लक्षित क्षेत्र

यह राहत पैकेज उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जो चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं:

  • कृषि और पशुपालन।

  • मत्स्य पालन और पर्यटन।

  • विनिर्माण और निर्यात उन्मुख इकाइयां।

4. भारत और अंतरराष्ट्रीय सहायता का योगदान

श्रीलंका के इस पुनर्निर्माण प्रयास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है:

  • भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’: भारत ने 450 मिलियन डॉलर (लगभग 350 मिलियन डॉलर का रियायती ऋण और 100 मिलियन डॉलर का अनुदान) का सहायता पैकेज दिया है, जो बुनियादी ढांचे और कृषि पुनर्वास में मदद कर रहा है।

  • ADB सहायता: एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से 200 मिलियन डॉलर का एक अलग कार्यक्रम भी पाइपलाइन में है।

95 अरब रुपये का यह राहत पैकेज श्रीलंका के MSME क्षेत्र के लिए एक ‘लाइफलाइन’ साबित हो सकता है। आर्थिक संकट से उबर रहे देश के लिए चक्रवात एक बड़ा झटका था, लेकिन कम ब्याज दरों और आसान ऋण शर्तों के माध्यम से सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने का प्रयास कर रही है।

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