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दिल्ली: भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के आवास पर लगी आग, शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा; जानें पूरी जानकारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. लुटियंस जोन में स्थित भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के आधिकारिक आवास पर आज सुबह, 14 जनवरी 2026 को आग लगने की घटना हुई। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

घटना का विवरण

  • समय: दमकल विभाग को आग लगने की सूचना सुबह करीब 8:05 बजे मिली।

  • स्थान: यह हादसा दिल्ली के मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड पर स्थित बंगला नंबर 21 में हुआ, जो रविशंकर प्रसाद का सरकारी निवास है।

  • प्रारंभिक भ्रम: शुरुआती कॉल में घटना स्थल को बंगला नंबर 2 बताया गया था, लेकिन मौके पर पहुँची दमकल टीम ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की और सही पते (बंगला नंबर 21) पर राहत कार्य शुरू किया।

राहत और बचाव कार्य

आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने त्वरित कार्रवाई की:

  1. दमकल की गाड़ियाँ: मौके पर तुरंत दमकल की 3 गाड़ियाँ भेजी गईं।

  2. समय: अग्निशमन कर्मियों की मुस्तैदी के कारण मात्र 10 से 20 मिनट के भीतर आग को बुझा दिया गया। सुबह करीब 8:30 से 8:35 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया था।

  3. सुरक्षा: घटना के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

आग लगने का कारण और नुकसान :

  • आग का केंद्र: आग घर के एक बेडरूम में रखे बिस्तर (Bed) और कुछ फर्नीचर में लगी थी।

  • संभावित कारण: प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) मानी जा रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग अभी सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।

  • नुकसान: कमरे के फर्नीचर और बिस्तर को कुछ नुकसान पहुँचा है, लेकिन घर के अन्य हिस्सों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

मुख्य बिंदु: इस घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है और न ही कोई गंभीर संपत्ति का नुकसान हुआ है।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग लगने का कोई अन्य तकनीकी कारण तो नहीं था।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।