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कानपुर मंडी भाव: अरहर और उरद की कीमतों में उछाल, गेहूं और धान के भाव स्थिर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ | गुरुवार, 14 मई 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी, कानपुर में आज अनाज और दलहन के कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहाँ एक ओर गेहूं और धान जैसी मुख्य फसलों के दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर अरहर (तुअर) और उरद की दालों की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। कम आवक और बढ़ती मांग ने दलहन बाजार के समीकरण बदल दिए हैं।

गेहूं और धान: स्थिरता का दौर

मंडी में गेहूं की आवक सामान्य बनी हुई है। ‘दड़ा’ या मिल क्वालिटी गेहूं ₹2,300 से ₹2,625 के बीच बिक रहा है, जबकि अच्छी ‘फार्म क्वालिटी’ के भाव ₹2,800 के पार बने हुए हैं। व्यापारियों का मानना है कि स्टॉक की पर्याप्त उपलब्धता के कारण फिलहाल कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। धान (सादा/मोटा) के भाव भी ₹1,815 से ₹1,900 के बीच स्थिर हैं।

दलहन में तेजी: अरहर ₹11,000 के पार

बाजार में सबसे ज्यादा हलचल अरहर (तुअर) को लेकर है। ‘अरहर फूल’ की अच्छी क्वालिटी के भाव ₹11,700 से ₹11,800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण दक्षिण भारत और महाराष्ट्र से आवक में कमी को माना जा रहा है। वहीं, साबुत उरद (काली देसी) के दाम भी ₹8,700 के स्तर को छू रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की थाली पर असर पड़ना तय है।

सरसों और अन्य फसलों का हाल

तिलहन बाजार में सरसों के तेवर अभी भी कड़े हैं। ₹5,400 के न्यूनतम भाव से शुरू होकर सरसों ₹6,500 प्रति क्विंटल तक बिक रही है। मोटे अनाजों में ज्वार के भाव में काफी विविधता देखी गई, जहाँ अच्छी क्वालिटी ₹3,421 तक दर्ज की गई।

मंडी भाव सारणी (₹ प्रति क्विंटल)

फसलन्यूनतम भावउच्चतम भावऔसत भाव
गेहूं (फार्म)₹2,800₹2,850₹2,825
जौ (Barley)₹2,250₹2,350₹2,300
सरसों₹5,400₹6,500₹5,400
अरहर फूल₹11,700₹11,800₹11,750
चना दाल₹6,600₹6,700₹6,650

सुझाव 

अक्सर मंडियों में मक्का के औसत भाव को लेकर भ्रम होता है। कानपुर मंडी के आंकड़ों के अनुसार, मक्का का औसत भाव ₹1,700 दर्शाया गया है, जो इसके न्यूनतम भाव ₹1,900 से कम दिख रहा है। यह तकनीकी त्रुटि हो सकती है; वास्तविक औसत भाव ₹2,050 के आसपास होने का अनुमान है। व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे सौदे से पहले मंडी रजिस्टर की जांच अवश्य करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।