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तारिक रहमान ने पीएम मोदी को भेजा न्योता: क्या बांग्लादेश के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे तारिक रहमान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। ढाका से यह न्योता शनिवार देर रात भारतीय पक्ष को प्राप्त हुआ।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सूत्रों के अनुसार, 16 फरवरी को होने वाले इस समारोह के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है।

पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना कम

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस समारोह में शामिल होने की संभावना कम है। इसका मुख्य कारण उनकी पूर्व-निर्धारित कूटनीतिक व्यस्तताएं हैं।

  • फ्रांस के साथ द्विपक्षीय बैठक: 17 फरवरी को मुंबई में पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

  • AI इम्पैक्ट समिट: राष्ट्रपति मैक्रों अगले हफ्ते भारत में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने आ रहे हैं, जो भारत की तकनीकी और रणनीतिक प्राथमिकताओं का हिस्सा है।

भारत भेज सकता है वरिष्ठ प्रतिनिधि

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में भारत की ओर से कोई वरिष्ठ नेता, जैसे उपराष्ट्रपति या विदेश मंत्री, ढाका जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन वह जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहता जिससे कूटनीतिक संतुलन बिगड़े।

सार्क (SAARC) को पुनर्जीवित करने की कोशिश?

तारिक रहमान का यह शपथ ग्रहण समारोह क्षेत्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है:

  • सार्क देशों पर ध्यान: बांग्लादेश सार्क के अधिकांश नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है। गौरतलब है कि सार्क की नींव तारिक रहमान के पिता और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने रखी थी।

  • वैश्विक उपस्थिति: सार्क देशों के अलावा चीन, मलेशिया, सऊदी अरब और तुर्की जैसे मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी बुलाने की योजना है।

रिश्तों में सुधार की चुनौती

पिछले कुछ समय में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में आए उतार-चढ़ाव के बीच, यह निमंत्रण दोनों देशों के लिए एक नई शुरुआत का अवसर हो सकता है। हालांकि, भारत की ओर से प्रतिनिधित्व का स्तर यह तय करेगा कि वह नई सरकार के साथ किस गति से आगे बढ़ना चाहता है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।