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फर्रुखाबाद: 16 साल तक ‘पहचान’ छिपाकर किया शोषण, अब पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ । शुक्रवार, 15 मई 2026

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के फतेहगढ़ क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। गुजरात के राजकोट की रहने वाली एक अनुसूचित जाति की महिला ने स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, 16 वर्ष पूर्व एक मुस्लिम युवक (निवासी मनिहारी गढ़ी, फर्रुखाबाद) ने गुजरात में अपनी पहचान छिपाकर और खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया था।

भीख मांगने का दबाव और प्रताड़ना

विवाह के पश्चात आरोपी उसे फर्रुखाबाद ले आया, जहाँ उसका जबरन मतांतरण (धर्म परिवर्तन) कराया गया और नाम बदल दिया गया। इस लंबे अंतराल में पीड़िता ने पांच बच्चों को जन्म दिया, जिनमें से दो की मृत्यु हो चुकी है। पीड़िता का आरोप है कि अब आरोपी उस पर भीख मांगने का दबाव बना रहा है। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसे बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया गया।

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प्रशासनिक हस्तक्षेप और पीड़िता की मांग

पीड़िता ने गुरुवार को जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। उसकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

  2. उसे सुरक्षित उसके पैतृक स्थान गुजरात (राजकोट) भिजवाया जाए।

  3. बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

कानूनी दृष्टिकोण और सुधार

इस मामले में पुलिस उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी चाहिए ताकि पहचान छिपाकर महिलाओं का शोषण करने वालों को कड़ा संदेश मिले।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।