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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: सीबीआई जांच और सीएम-डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर आज पंजाब बंद, जानें बड़ी बातें

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

मानसा।

पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी मुहीम चलाने वाले प्रमुख कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस सनसनीखेज वारदात के विरोध में गठित ‘एक्शन कमेटी’ और मृतक के परिजनों ने आज, 15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक संपूर्ण पंजाब बंद का आह्वान किया है।

परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने जनता से इस बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की भावुक अपील की है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान एम्बुलेंस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी सभी आवश्यक व आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह छूट दी गई है।

 

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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की प्रमुख मांगें

झोटा के परिजनों और समर्थकों ने राज्य सरकार व प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. सीबीआई (CBI) से निष्पक्ष जांच: मामले में किसी बड़े गठजोड़ की आशंका को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।
  2. PGIMER चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम: परिजनों ने स्थानीय पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अविश्वास जताते हुए चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (PGIMER) में डॉक्टरों के विशेष पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने की शर्त रखी है।
  3. मुख्यमंत्री व DGP का इस्तीफा: राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा में नाकामी का आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की गई है।
  4. अंतिम संस्कार न करने का निर्णय: परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

 

राजनीतिक दलों और किसान संगठनों का मिला व्यापक समर्थन

इस ‘पंजाब बंद’ को राज्य के विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ कई प्रभावशाली सामाजिक व किसान संगठनों का खुला समर्थन मिला है:

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  • शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) तथा शिरोमणि अकाली दल ने बंद का पुरजोर समर्थन किया है।
  • संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने भी बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरने की घोषणा की है।
  • कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरते हुए राज्य में नशे के कारोबार और ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

हत्या के बाद मानसा में भड़की हिंसा और पुलिस की कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयों की बिक्री को लेकर कहासुनी के दौरान केमिस्ट (अश्वनी कुमार) ने परविंदर झोटा को गोली मार दी थी। यह पूरी घटना फेसबुक लाइव पर दर्ज हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

घटना के तुरंत बाद उग्र भीड़ ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। बाद में स्थानीय प्रशासन ने आरोपी के घर व दुकान के कथित अवैध हिस्से पर बुलडोजर भी चलाया।

पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

 

प्रशासन अलर्ट, जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना

पंजाब बंद के आह्वान को देखते हुए बठिंडा रेंज पुलिस और मानसा जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, बस स्टैंडों और बाजार क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

व्यापारियों और दुकानदारों से सहयोग की अपील की गई है। दिनभर राज्य में सार्वजनिक परिवहन, निजी बसों, बाजारों और यातायात पर आंशिक या व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?

उत्तर: परविंदर सिंह झोटा मानसा (पंजाब) के एक प्रसिद्ध सामाजिक और एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट थे, जो क्षेत्र में अवैध रूप से बेची जा रही नशीली दवाओं और सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाते थे।

Q2. आज पंजाब बंद का समय क्या है?

उत्तर: पंजाब बंद का समय 15 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

Q3. क्या पंजाब बंद के दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी?

उत्तर: हां, बंद के दौरान एम्बुलेंस, अस्पताल, मेडिकल इमरजेंसी और फायर ब्रिगेड जैसी सभी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है।

Q4. परिजनों की मुख्य मांगें क्या हैं?

उत्तर: परिजनों की मुख्य मांगें हत्या की सीबीआई जांच, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम, तथा पंजाब के मुख्यमंत्री व डीजीपी का इस्तीफा हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड और उसके बाद उपजे घटनाक्रम तथा विभिन्न समाचार माध्यमों से प्राप्त सार्वजनिक जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। पाठकों से अनुरोध है कि बंद के दौरान यात्रा या आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा–निर्देशों का पालन करें।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।