नई दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान और गोवा सहित कई राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत दावों और आपत्तियों को दर्ज करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 19 जनवरी 2026 कर दिया है। पहले दावों और आपत्तियों की समय सीमा 15 जनवरी 2026 को समाप्त हो रही थी।
SIR क्या है और यह क्यों जरूरी है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध और अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर सत्यापन (Verification) किया जाता है ताकि:
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नए मतदाताओं को जोड़ना: जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।
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फर्जी नामों को हटाना: मृत, स्थानांतरित (Migrated) या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम काटना।
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त्रुटियों का सुधार: नाम, पता या फोटो की गलतियों को ठीक करना।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिला लाभ
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह विस्तार मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए है:
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पश्चिम बंगाल: जहाँ 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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राजस्थान: व्यापक भौगोलिक क्षेत्र और प्रवासियों की संख्या को देखते हुए।
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गोवा और पुडुचेरी: छोटे राज्य होने के बावजूद सटीक डेटा सुनिश्चित करने के लिए।
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लक्षद्वीप: प्रशासनिक सुगमता के लिए।
मतदाता क्या करें? (अंतिम अवसर का लाभ कैसे उठाएं)
यदि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (Draft Roll) में नहीं है, तो आप 19 जनवरी तक निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:
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Form 6 भरें: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए।
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Form 7 भरें: किसी अपात्र नाम पर आपत्ति जताने या नाम हटाने के लिए।
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Form 8 भरें: पते में सुधार या मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) को अपडेट करने के लिए।
विशेष नोट: नागरिक अपने नजदीकी बीएलओ (BLO) से मिल सकते हैं या निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in और ‘Voter Helpline App’ का उपयोग करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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