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राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार में NDA का ‘क्लीन स्वीप’, ओडिशा और हरियाणा में भी चौंकाने वाले नतीजे; जानें समीकरण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के बाद अब संसद के उच्च सदन की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। 16 मार्च 2026 को जिन 11 सीटों पर मतदान हुआ था, उनके परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इन नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए विपक्ष को कड़ा झटका दिया है।

सबसे अधिक चर्चा बिहार की रही, जहां एनडीए ने सभी 5 सीटों पर कब्जा जमाकर क्लीन स्वीप किया है। वहीं ओडिशा में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बीजेडी के किले में सेंधमारी की है।

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1. बिहार: नीतीश कुमार की जीत और NDA का दबदबा

बिहार की पांच सीटों पर हुए चुनाव ने राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर रही।

  • विजेता उम्मीदवार: नीतीश कुमार (JDU), नितिन नबीन (BJP), रामनाथ ठाकुर (JDU), उपेंद्र कुशवाहा (RLM) और शिवेश कुमार (BJP)।

  • रोमांचक मुकाबला: पांचवीं सीट पर भाजपा के शिवेश कुमार की जीत ने सबको चौंका दिया। उन्होंने दूसरी वरीयता के मतों (Second Preference Votes) के आधार पर जीत हासिल की, जिससे विपक्षी खेमे की रणनीति धरी की धरी रह गई।

  • सियासी संदेश: यह जीत दर्शाती है कि बिहार में एनडीए का गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उसने मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है।

ओडिशा की राजनीति में बड़ा उलटफेर: बीजेडी के किले में भाजपा की सेंधमारी

2. ओडिशा: क्रॉस-वोटिंग और दिलीप राय की जीत

ओडिशा की 4 सीटों के नतीजों ने क्षेत्रीय दल बीजू जनता दल (BJD) को आत्मचिंतन पर मजबूर कर दिया है।

  • भाजपा ने यहाँ अपनी रणनीतिक कुशलता दिखाते हुए 3 सीटों पर जीत दर्ज की।

  • निर्दलीय का जलवा: भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय की जीत सबसे अधिक चर्चा में है।

  • झटका: चुनाव के दौरान हुई क्रॉस-वोटिंग ने यह साफ कर दिया कि नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले दल के भीतर असंतोष की लहर है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला।

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3. हरियाणा: संजय भाटिया और करमवीर सिंह की कांटे की टक्कर

हरियाणा की 2 सीटों पर सुबह से ही ड्रामा देखने को मिला। मतों की वैधता को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण मतगणना कुछ घंटों के लिए रोकनी पड़ी।

  • अंततः भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बधाना को विजेता घोषित किया गया।

  • यहाँ मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा, लेकिन भाजपा के लिए संजय भाटिया की जीत मनोबल बढ़ाने वाली रही।

राज्यसभा में अब क्या बदल जाएगा?

इन नतीजों के बाद उच्च सदन (Rajya Sabha) में एनडीए की संख्या बल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

राज्यकुल सीटें (मतदान वाली)NDA की जीतविपक्ष/अन्य
बिहार050500
ओडिशा040301
हरियाणा020101
कुल110902

विशेष नोट: कुल 37 सीटों में से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। अब सभी सीटों के परिणाम आने के बाद केंद्र सरकार के लिए राज्यसभा में महत्वपूर्ण बिलों (जैसे वन नेशन-वन इलेक्शन या अन्य सुधार) को पारित कराना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

निष्कर्ष

16 मार्च के इन परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए न केवल अपनी सीटों को बचाने में सफल रहा है, बल्कि विपक्षी वोटों में सेंध लगाकर अपनी ताकत भी बढ़ाई है। विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) के लिए बिहार और ओडिशा के नतीजे एक बड़े सबक की तरह हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।