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कानपुर चकरपुर मंडी भाव: गेहूं और अरहर की कीमतों में उछाल, खराब मौसम के बीच अनाज मंडियों में बढ़ी हलचल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी, कानपुर की चकरपुर मंडी में आज अनाज और दलहन की कीमतों में उल्लेखनीय मजबूती देखी गई। पिछले 24 घंटों के रुझानों और आवक के आंकड़ों ने बाजार में एक नई तेजी का संकेत दिया है। विशेष रूप से गेहूं और अरहर (तूर) के भाव में उछाल आया है, जिसका मुख्य कारण हालिया बेमौसम बारिश और उच्च गुणवत्ता वाले माल की कमी को माना जा रहा है।

गेहूं की कीमतों में तेजी: ₹2,550 के पार निकले भाव

मंडी में आज गेहूं की आवक में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते भाव ₹2,300 से ₹2,550 प्रति क्विंटल के बीच रहे। व्यापारियों के अनुसार, अप्रैल के पहले पखवाड़े में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की चमक (Luster) पर असर डाला है। इसके चलते ‘सुपर क्वालिटी’ गेहूं की मांग बढ़ गई है और मिलर्स ऊंचे दामों पर स्टॉक जमा करने में जुटे हैं।

दलहन बाजार: अरहर और उड़द ने पकड़ी रफ्तार

दलहन सेगमेंट में सबसे ज्यादा मजबूती अरहर में देखी जा रही है, जो ₹7,000 से ₹7,500 के स्तर पर टिकी हुई है। वहीं, उड़द की कीमतों में गुणवत्ता के आधार पर भारी अंतर देखा जा रहा है। प्रीमियम क्वालिटी की उड़द आज मंडी में ₹11,100 के रिकॉर्ड स्तर तक बिकी।

चकरपुर मंडी: प्रमुख फसलों के आज के भाव (₹ प्रति क्विंटल)

फसल का नामन्यूनतम भावअधिकतम भावबाजार का रुझान
गेहूं (Luster Loss/Best)₹2,300₹2,550? मजबूती
मक्का₹1,900₹2,200↔️ स्थिर
जौ₹2,250₹2,350? मामूली बढ़त
चना (देसी/यूपी लाइन)₹5,000₹5,425↔️ स्थिर
अरहर (तूर)₹7,000₹7,500? तेज मांग
उड़द (प्रीमियम)₹5,500₹11,100? गुणवत्ता आधारित
मटर₹3,800₹4,125? हल्की गिरावट
मसूर₹5,650₹5,850↔️ स्थिर

विशेषज्ञों की राय: आगे क्या होगा?

मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अनाज की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

  1. सप्लाई चेन: खराब मौसम के कारण खेतों से मंडी तक माल आने में देरी हो रही है।

  2. स्टॉकहोल्डिंग: बड़े व्यापारी भविष्य में कीमतों में और तेजी की उम्मीद में माल का स्टॉक कर रहे हैं।

  3. अगली फसल: यदि मौसम साफ रहता है, तो अगले सप्ताह आवक बढ़ने से कीमतों में मामूली सुधार (नरमी) आ सकती है।

नोट: मंडी भाव प्रतिदिन आवक और गुणवत्ता के आधार पर बदलते रहते हैं। किसान भाइयों और व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे सौदे से पहले मंडी कार्यालय से आधिकारिक भाव की पुष्टि अवश्य कर लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।