ईटानगर । रविवार, 16 अगस्त 2026
अरुणाचल प्रदेश के सुदूर और पहाड़ी क्षेत्र दिबांग वैली (Dibang Valley) से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश और बादलों के फटने (Cloudburst) के बाद अचानक आई फ्लैश फ्लड (Flash Flood) ने 5th ग्रेनेडियर्स के पसू पानी (Pasu Pani) सेना कैंप को चपेट में ले लिया। इस हादसे में कैंप के दो शेल्टर तेज बहाव में बह गए और कुल सात सैन्यकर्मी पानी की चपेट में आ गए।
2 जवानों को बचाया गया, 5 की तलाश जारी
हादसे के तुरंत बाद चलाए गए प्रारंभिक प्रयासों में 2 जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 5 जवान अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, लापता जवानों में हवलदार उपेंद्र, कुंदन, विनोद, आदित्य और समुंदा शामिल हैं।
अत्यंत कठिन परिस्थितियों में चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे वाली जगह (अनिनी के पास पसू पानी) बेहद दुर्गम और पहाड़ी इलाका है। लगातार बारिश, भूस्खलन (Landslides) और कटे हुए सड़क संपर्कों की वजह से राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने और काम करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
तलाशी अभियान में निम्नलिखित टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं:
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सेना की 5th ग्रेनेडियर्स की रेस्क्यू टीमें
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ITBP की 58वीं बटालियन
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सीमा सड़क संगठन (GREF 62 RCC)
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SDRF और अरुणाचल प्रदेश पुलिस
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स्थानीय वालंटियर्स और नागरिक प्रशासन
सेना के विमान (Army Aviation Assets) भी मेडिकल इमरजेंसी और प्रभावित इलाके में हवाई निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. अरुणाचल प्रदेश के किस जिले में फ्लैश फ्लड की घटना हुई?
उत्तर: यह घटना अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली (Dibang Valley) जिले के अनिनी स्थित पसू पानी सेना कैंप के पास हुई।
Q2. सेना के कितने जवान प्रभावित और लापता हैं?
उत्तर: कुल 7 जवान बाढ़ की चपेट में आए थे, जिनमें से 2 को बचा लिया गया है और 5 जवानों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
Q3. बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां लगी हुई हैं?
उत्तर: भारतीय सेना (5th Grenadiers), आईटीबीपी (ITBP), एसडीआरएफ (SDRF), जीआरईएफ (GREF), स्थानीय पुलिस और ग्रामीण वालंटियर्स संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध प्राथमिक आधिकारिक बयानों और राहत एजेंसियों की जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। स्थिति और चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के अनुसार आंकड़ों और परिस्थितियों में बदलाव संभव है।
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