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17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराएगा निर्वाचन आयोग, जानिए पूरा शेड्यूल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

मुंबई|

भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन करना, सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना, तथा पुरानी या गलत प्रविष्टियों को ठीक करना है।

आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के दृष्टिकोण से निर्वाचन आयोग का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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किन–किन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण?

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित 17 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल किए गए हैं:

  1. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
  2. असम
  3. बिहार
  4. छत्तीसगढ़
  5. गोवा
  6. गुजरात
  7. केरल
  8. लक्षद्वीप
  9. मध्य प्रदेश
  10. मणिपुर
  11. पुडुचेरी
  12. पंजाब
  13. राजस्थान
  14. तमिलनाडु
  15. उत्तर प्रदेश
  16. उत्तराखंड
  17. पश्चिम बंगाल

 

इनमें से कई प्रमुख राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर—में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनावों से पहले एक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है।

 

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पात्रता की आधार तारीख: 1 जनवरी 2027

निर्वाचन आयोग ने इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता/पात्रता की आधार तारीख (Qualifying Date) तय किया है।

  • नए मतदाताओं के लिए: जिन नागरिकों की आयु 1 जनवरी 2027 को या उससे पहले 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 (Form-6) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
  • विवरण सुधार के लिए: यदि किसी नागरिक के मतदाता पत्र या सूची में नाम, पिता का नाम, आयु, लिंग, पता या फोटो में कोई त्रुटि है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 भरकर सुधार का अनुरोध कर सकते हैं।

 

महत्वपूर्ण तिथियां और दावे/आपत्तियां दर्ज करने का मौका

पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने निश्चित समय-सीमा तय की है:

  • प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन: 12 नवंबर 2026
  • जांच और सत्यापन: 12 नवंबर 2026 को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिक अपना नाम और विवरण आयोग के पोर्टल या स्थानीय बीएलओ (BLO – Booth Level Officer) के पास जांच सकते हैं।
  • दावे और आपत्तियां (Claims & Objections): यदि सूची में आपका नाम छूट गया है, या विवरण में कोई गलती है, अथवा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज है, तो निर्धारित अवधि के भीतर आप दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

 

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण में क्या अंतर है?

नागरिकों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि संक्षिप्त और गहन पुनरीक्षण में क्या भिन्नता होती है:

  • विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision): इस प्रक्रिया के तहत मौजूदा मतदाता सूची में मुख्य रूप से नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, स्थानांतरित या मृत मतदाताओं के नाम हटाने और मौजूदा विवरणों में संशोधन का कार्य किया जाता है।
  • विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision): यह अपेक्षाकृत अधिक व्यापक और विस्तृत प्रक्रिया होती है। इसमें बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पूरी मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है और नए सिरे से पूरे डेटा का री-वेरिफिकेशन होता है।

दोनों प्रक्रियाओं का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शत-प्रतिशत सटीक और विश्वसनीय बनाना ही है।

 

नए और युवा मतदाताओं के लिए सुनहरा अवसर

निर्वाचन आयोग का संकल्प है — “कोई भी पात्र मतदाता न छूटे“। पहली बार मतदान करने योग्य हो रहे युवाओं के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल माध्यमों (जैसे Voter Helpline App या eci.gov.in पोर्टल) के जरिए नए मतदाता आसानी से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?

उत्तर: नाम जुड़वाने के लिए अर्हता तिथि (1 जनवरी 2027) तक नागरिक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

Q2. प्रारंभिक मतदाता सूची कब जारी की जाएगी?

उत्तर: निर्वाचन आयोग द्वारा प्रारंभिक मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

Q3. अगर वोटर कार्ड में नाम या पता गलत है तो क्या करें?

उत्तर: आप विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अवधि के दौरान फॉर्म-8 भरकर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन (बीएलओ के माध्यम से) संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

 

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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारियों और समाचारों के आधार पर तैयार किया गया है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार करने या किसी भी अन्य चुनावी प्रक्रिया से संबंधित अंतिम और आधिकारिक विवरण के लिए कृपया भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) पर जाएं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।