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T20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: श्रेयस अय्यर की 2 साल बाद वापसी, तिलक वर्मा बाहर—क्या गंभीर का दांव सफल होगा?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन और चयन समिति के फैसले ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों को चौंका दिया है।

न्यूजीलैंड टी20 सीरीज 2026: श्रेयस अय्यर की ‘घर वापसी’

  • श्रेयस अय्यर की वापसी: दिसंबर 2023 के बाद पहली बार श्रेयस अय्यर टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे हैं। उन्हें सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए स्क्वाड में शामिल किया गया है।

  • तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर बाहर: तिलक वर्मा चोट (सर्जरी) के कारण शुरुआती तीन मैचों से बाहर हैं। वहीं, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ‘साइड स्ट्रेन’ की वजह से पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं।

  • रवि बिश्नोई को मौका: सुंदर की जगह विशेषज्ञ लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को पूरी सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है।

  • गंभीर का मास्टरस्ट्रोक: श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2025 में 175 के स्ट्राइक रेट से 604 रन बनाए थे। गंभीर उन्हें टी20 विश्व कप 2026 (जो फरवरी में शुरू हो रहा है) के लिए एक ‘बैकअप’ और मध्यक्रम के ठोस विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

भारतीय टी20 स्क्वाड :

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (पहले 3 मैचों के लिए), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई।

चयनकर्ताओं का यह फैसला दर्शाता है कि वे टी20 विश्व कप से पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। यदि तिलक वर्मा समय पर फिट नहीं होते हैं, तो श्रेयस अय्यर को सीधा विश्व कप टीम में ‘लैटरल एंट्री’ मिल सकती है। गंभीर की आक्रामक कोचिंग शैली में अय्यर का स्पिन को खेलने का कौशल (Spin proficiency) टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।