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रणजी ट्रॉफी 2026: मुंबई को लगा तगड़ा झटका, अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे अचानक टीम से बाहर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में 42 बार की चैंपियन मुंबई टीम के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मौजूदा सीजन के बाकी बचे मैचों से हटने का फैसला किया है। अजिंक्य रहाणे ने ‘निजी कारणों’ का हवाला देते हुए रणजी ट्रॉफी 2025-26 के आगामी मैचों के लिए अपनी अनुपलब्धता जाहिर की है। मुंबई को अपना अगला मुकाबला 22 जनवरी से हैदराबाद के खिलाफ खेलना है, जिसमें रहाणे मैदान पर नहीं दिखेंगे।

मुख्य बातें: क्यों बाहर हुए रहाणे?

  • निजी कारण: रहाणे ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को सूचित किया है कि वे निजी वजहों से रेड-बॉल क्रिकेट के इस सीजन के बाकी दो लीग मैचों (हैदराबाद और दिल्ली के खिलाफ) में उपलब्ध नहीं रहेंगे।

  • औसत प्रदर्शन: इस सीजन में रहाणे का बल्ला कुछ खास नहीं चला है। उन्होंने 4 मैचों में केवल एक शतक लगाया है।

  • कप्तानी पहले ही छोड़ी: सीजन की शुरुआत से पहले ही रहाणे ने कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद शार्दुल ठाकुर को टीम की कमान सौंपी गई थी।

मुंबई टीम की वर्तमान स्थिति

रहाणे की अनुपस्थिति के बावजूद मुंबई की टीम ग्रुप डी की पॉइंट्स टेबल में 24 अंकों के साथ शीर्ष (Top) पर बनी हुई है। टीम ने अब तक 5 मैच खेले हैं, जिनमें से 3 में जीत दर्ज की है और 2 मैच ड्रॉ रहे हैं।

युवाओं के पास सुनहरा मौका

रहाणे के बाहर होने से अब मुंबई के मध्यक्रम में जगह खाली हुई है। चयनकर्ताओं की नजरें अब पृथ्वी शॉ, आयुष म्हात्रे और मुशीर खान जैसे युवाओं पर होंगी कि वे नॉकआउट दौर से पहले टीम को मजबूती प्रदान करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।