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भारत की बड़ी कार्रवाई: मुंबई तट के पास ईरान से जुड़े 3 प्रतिबंधित तेल टैंकर जब्त

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत ने समुद्री सीमाओं पर अपनी चौकसी बढ़ाते हुए ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में अवैध गतिविधियों और ‘शिप-टू-शिप’ तेल हस्तांतरण को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

संदिग्ध गतिविधि पर मुंबई तट के पास कार्रवाई

सूत्रों और हाल ही में हटाए गए एक आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने मुंबई से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में इन जहाजों को रोका। पकड़े गए टैंकरों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. स्टेलर रूबी (Stellar Ruby)

  2. एस्फाल्ट स्टार (Asphalt Star)

  3. अल जाफजिया (Al Jafziya)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये जहाज कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा देने के लिए अक्सर अपनी पहचान बदलते रहते थे। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (NIOC) के हवाले से स्पष्ट किया है कि इन टैंकरों या इनके माल से ईरान का कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

कूटनीतिक संबंधों में नया मोड़

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार देखा जा रहा है। हाल ही में वाशिंगटन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क को 50% से घटाकर 18% करने का बड़ा फैसला लिया है। जानकारों का मानना है कि यह रियायत भारत द्वारा रूसी तेल के आयात को बंद करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अनुपालन पर सहमति जताने के बाद दी गई है।

भारत का कड़ा रुख

भारतीय जलक्षेत्र का उपयोग तेल के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए न किया जा सके, इसके लिए रक्षा मंत्रालय और तटीय सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी के स्तर को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। सूत्रों का कहना है कि भारत अब वैश्विक नियमों के उल्लंघन को लेकर शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।