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पाकिस्तान के बाजौर में बड़ा आत्मघाती हमला: 11 सुरक्षाकर्मियों और एक बच्ची की मौत, 12 आतंकी ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बाजौर. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में मंगलवार को एक आत्मघाती हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया। आतंकवादियों द्वारा एक संयुक्त सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में 11 सुरक्षा बलों के जवानों की मौत हो गई, जबकि पास के घर में मौजूद एक मासूम बच्ची की भी जान चली गई।

विस्फोट से ढह गई इमारत

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, आतंकवादियों ने विस्फोटक से लदी एक गाड़ी को सुरक्षा चौकी की दीवार से टकरा दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि चौकी की इमारत ढह गई। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत सात नागरिक भी घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

टीटीपी (TTP) पर हमले का आरोप

सेना ने इस कायरतापूर्ण कृत्य के लिए प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को जिम्मेदार ठहराया है। ISPR ने बताया कि सुरक्षा बलों ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 12 आतंकवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जब आतंकवादी भागने में विफल रहे, तो उन्होंने हताशा में विस्फोटक वाहन का इस्तेमाल किया।

मुख्य विवरण:

  • स्थान: बाजौर जिला, खैबर पख्तूनख्वा।

  • हताहत: 11 पुलिस/सुरक्षाकर्मी और 1 बच्ची।

  • घायल: 7 अन्य (महिलाएं और बच्चे शामिल)।

  • नुकसान: सुरक्षा चौकी के साथ-साथ आस-पास के नागरिक घर भी क्षतिग्रस्त।

क्षेत्र में अभी भी सुरक्षा बलों का ‘क्लियरेंस ऑपरेशन’ जारी है ताकि छिपे हुए अन्य आतंकवादियों का पता लगाया जा सके। इस हमले के बाद पूरे प्रांत में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।