लोड हो रहा है...

बारामती विमान हादसा: अजीत पवार की मृत्यु की जांच में बड़ा खुलासा, ब्लैक बॉक्स से खुलेगा राज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए दर्दनाक विमान हादसे की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रहा है। इस हादसे में महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजीत पवार समेत 5 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

तकनीकी जांच की वर्तमान स्थिति

हादसे का शिकार हुए लियरजेट 45 विमान (VT-SSK) के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिए गए थे। हालांकि, भीषण आग के कारण ये रिकॉर्डर काफी क्षतिग्रस्त हुए हैं:

  • DFDR (डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर): AAIB की लैब में L3-कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित इस रिकॉर्डर का डेटा सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। इससे विमान की गति, ऊंचाई और इंजन की स्थिति की जानकारी मिलेगी।

  • CVR (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर): हनीवेल द्वारा निर्मित इस यूनिट की तकनीकी जांच जारी है। अत्यधिक जल जाने के कारण इससे डेटा निकालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिसके लिए विमान निर्माता देश के एक्रेडिटेड रिप्रेजेंटेटिव (Accredited Representative) से तकनीकी सहायता मांगी गई है।

हादसे का घटनाक्रम

बीते 28 जनवरी को मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने वाला यह चार्टर्ड प्लेन जिला पंचायत चुनाव प्रचार के लिए जा रहा था। बारामती रनवे की दहलीज के पास ही विमान क्रैश-लैंडिंग का शिकार हो गया। DGCA के अनुसार, इस हादसे में चालक दल के सदस्यों सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई।

अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच ICAO एनेक्स 13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों और विमान दुर्घटना जांच नियमों के तहत की जा रही है। AAIB ने पारदर्शिता का भरोसा देते हुए आम जनता और मीडिया से अपील की है:

“जांच अभी जारी है और साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। किसी भी तरह के कयास या जल्दबाजी में निकाले गए निष्कर्ष जांच को प्रभावित कर सकते हैं। सही समय पर विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी।”

यह भी पढ़ें : बारामती विमान हादसा: लियरजेट 45 के ब्लैक बॉक्स की जांच तेज

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।