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आमिर दलवी ने सोनी सब के ‘गणेश कार्तिकेय’ में तारकासुर के आग और क्रोध को अपनाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, फरवरी 2026: सोनी सब का शो गाथा शिव परिवार की – गणेश कार्तिकेय शिव परिवार की अद्भुत कथाओं और उनके विश्वास, कर्तव्य और दिव्य उद्देश्य की यात्रा को जीवंत करता है। कहानी अब एक अहम मोड़ पर पहुँच रही है, जहाँ तारकासुर का आगमन होता है। इस शक्तिशाली किरदार को मशहूर अभिनेता आमिर दलवी निभा रहे हैं। तारकासुर ऐसी शक्ति का प्रतीक है जिसे केवल बल या रणनीति से नहीं हराया जा सकता, बल्कि दिव्य ज्ञान से ही पराजित किया जा सकता है। उसका प्रवेश कहानी में बड़ा बदलाव लाता है और एक गहरी आध्यात्मिक और भावनात्मक लड़ाई की शुरुआत करता है।

किंवदंती के अनुसार, तारकासुर ने कठोर तप किया और भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न किया। ब्रह्मा ने उसे लगभग अजेय वरदान दिया कि उसकी मृत्यु केवल भगवान शिव के पुत्र के हाथों ही हो सकती है। इस वरदान के बल पर उसने तीनों लोकों पर अधिकार जमाने की ठानी और निडर हो गया। धीरे-धीरे उसका आत्मविश्वास तानाशाही में बदल गया और उसके विरोधियों का विश्वास डगमगाने लगा।

अपने किरदार के बारे में आमिर दलवी ने कहा, “तारकासुर जैसे गहरे और शक्तिशाली किरदार को निभाना मेरे लिए भावनात्मक और शारीरिक दोनों तरह से चुनौतीपूर्ण रहा। वह सिर्फ एक राक्षस नहीं है, बल्कि महत्वाकांक्षा और विद्रोह का प्रतीक है। मुझे सबसे ज्यादा यह बात आकर्षित करती है कि उसे अपनी अजेयता पर अटूट विश्वास है। उस भावना को पकड़ना बेहद ताकतवर अनुभव था, क्योंकि उसका आत्मविश्वास धीरे-धीरे अहंकार में बदल जाता है और यही बदलाव सब कुछ बदल देता है। जब मैंने पहली बार पूरी वेशभूषा और कवच पहनकर सेट पर कदम रखा, तो सबकी नज़रें मेरे ऊपर थीं और उसी पल मेरी ऊर्जा बदल गई।”

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तारकासुर के आगमन के साथ गाथा शिव परिवार की – गणेश कार्तिकेय अब एक गहन और आध्यात्मिक अध्याय की ओर बढ़ रहा है, जो अच्छाई और बुराई के शाश्वत संघर्ष को दिखाएगा।

देखिए गणेश कार्तिकेय, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।