लोड हो रहा है...

डॉ. देव का किरदार निभाते हुए, जो एक वास्तविक डॉक्टर की यात्रा से प्रेरित है, इक़बाल ख़ान ताक़त और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाते हैं, सोनी सब के ‘यादें’ में दूसरी मौक़ों की कहानी में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, फरवरी 2026: सोनी सब का नया शो यादें एक असाधारण सच्ची कहानी से प्रेरित है। यह शो डॉक्टर पियरदांते पिच्चियोनी की जिंदगी पर आधारित है, जो एक सड़क दुर्घटना के बाद कोमा में चले गए थे और उन्हें गंभीर ब्रेन इंजरी हुई थी। जब वे कोमा से बाहर आए तो उन्होंने पाया कि उनकी 12 साल की यादें पूरी तरह मिट चुकी थीं। उन्हें न सिर्फ अपना करियर बल्कि अपनी पहचान, रिश्ते और खुद को फिर से गढ़ना पड़ा। उनकी यह कहानी है हिम्मत, खुद को फिर से खोजने और जिंदगी में दूसरा मौका पाने की। इसी सच्ची घटना से प्रेरित होकर शो में डॉक्टर देव (इकबाल खान) की कहानी दिखाई गई है, जो अपनी खोई हुई यादों को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं और धीरे-धीरे यह समझ रहे हैं कि असली इलाज सिर्फ डॉक्टर होने से नहीं, बल्कि इंसानियत से भी होता है।

इकबाल खान के लिए डॉक्टर देव का किरदार निभाना एक बड़ी जिम्मेदारी थी। यह जानते हुए कि यह किरदार एक असली डॉक्टर की जिंदगी से प्रेरित है, उन्होंने अपनी तैयारी में खास ध्यान दिया। इकबाल ने उस भावनात्मक उलझन को समझने की कोशिश की जिसमें इंसान अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा खो देता है अपने प्रियजनों की पहचान धुंधली हो जाती है, रिश्ते अजनबी लगते हैं और खुद की पहचान फिर से बनाने की नाजुक प्रक्रिया शुरू होती है। उन्होंने इस किरदार को नाटकीय अंदाज में नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और संयम के साथ निभाने का फैसला किया, ताकि यह दिखा सकें कि कैसे एक इंसान धीरे-धीरे रिश्तों और दूसरे मौकों के जरिए खुद को फिर से खोजता है।

भूमिका में कदम रखते हुए इक़बाल ख़ान साझा करते हैं, “जब आप किसी काल्पनिक किरदार को निभाते हैं तो आपके पास रचनात्मक आज़ादी होती है। लेकिन जब कहानी किसी असली इंसान की जिंदगी से प्रेरित हो, तो उसके साथ एक जिम्मेदारी जुड़ जाती है। आप सिर्फ अभिनय नहीं कर रहे होते, बल्कि किसी की जीती-जागती सच्चाई को सामने ला रहे होते हैं। मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया डॉक्टर पियरदांते पिच्चियोनी की उस यात्रा ने, जिसमें उन्होंने अपनी यादें खोने के बाद खुद को फिर से खोजा। सोचिए, आप जागते हैं और पाते हैं कि दुनिया बारह साल आगे बढ़ चुकी है—रिश्ते बदल चुके हैं, आपका बच्चा बड़ा हो चुका है, आपका काम बदल गया है और आप अपनी ही जिंदगी से अजनबी की तरह मिल रहे हैं। एक अभिनेता के तौर पर मुझे बार-बार खुद को याद दिलाना पड़ा कि उनके लिए यह कोई ड्रामा नहीं था, बल्कि सच्चाई थी।”

- Advertisement -

देखिए यादें, जल्द ही आ रहा है सोनी सब पर।

Featured Article

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।