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भीषण गर्मी में राहत और सेहत का खजाना: ये 7 देसी ड्रिंक्स रखेंगे आपको अंदर से कूल और एनर्जेटिक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
11 Min Read

नई दिल्ली ।

गर्मियों की शुरुआत होते ही तेज धूप, चिलचिलाती हवाएं और बढ़ता तापमान हमारे शरीर पर प्रतिकूल असर डालने लगता है। पसीने के रास्ते शरीर से पानी और सोडियम, पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स तेजी से बाहर निकल जाते हैं। इसके चलते थकान, सुस्ती, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और लू (Heatstroke) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
ऐसे मौसम में अक्सर लोग बाजार में मिलने वाली प्रोसेस्ड कोल्ड ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड सोडा की तरफ भागते हैं। ये तुरंत राहत का अहसास तो देते हैं, लेकिन इनमें मौजूद अत्यधिक रिफाइंड चीनी, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स शरीर में पेट की गर्मी और एसिडिटी को और बढ़ा देते हैं। इसके विपरीत, हमारे भारतीय घरों में सदियों से अपनाए जा रहे पारंपरिक देसी हेल्थ ड्रिंक्स न केवल पूरी तरह प्राकृतिक हैं, बल्कि शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान कर अंदर से ठंडा रखते हैं।
आइए जानते हैं भारत के उन 7 प्रमुख ट्रेडिशनल समर ड्रिंक्स के बारे में, जो आपको भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाकर दिनभर तरोताजा बनाए रख सकते हैं।

1. आम पन्ना: तेज धूप और लू से बचाव का अचूक उपाय

उत्तर और मध्य भारत में बेहद लोकप्रिय आम पन्ना कच्चे आम (कैरी) को उबालकर या भूनकर तैयार किया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन C, विटामिन A, आयरन, सोडियम और मैग्नीशियम पाया जाता है।
  • सेहत के लिए फायदे: जब शरीर तेज धूप के संपर्क में आता है, तो इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने लगता है। आम पन्ना शरीर में सोडियम और मिनरल्स की भरपाई करके सनस्ट्रोक से बचाता है।
  • बनाने का सही तरीका: उबले हुए कच्चे आम के पल्प में भुना जीरा, काला नमक, पुदीने की ताजी पत्तियां और धागे वाली मिश्री मिलाकर पानी के साथ मिक्स करें। पुदीना और जीरा मिलकर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं।

2. मसाला छाछ (Buttermilk): एसिडिटी और पेट की गर्मी का नेचुरल इलाज

दही को मथकर तैयार की जाने वाली छाछ गर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह पेट के लिए हल्की होती है और पाचन तंत्र को तुरंत आराम पहुंचाती है।
  • सेहत के लिए फायदे: छाछ में प्रचुर मात्रा में प्रोबायोटिक्स (गुड बैक्टीरिया), कैल्शियम और विटामिन B12 पाए जाते हैं। यह आंतों की सेहत में सुधार करती है और भारी भोजन के बाद होने वाली ब्लोटिंग व एसिडिटी को शांत करती है।
  • बनाने का सही तरीका: छाछ में थोड़ा सा हींग, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और हरा धनिया मिलाकर पिएं। दोपहर के भोजन के बाद इसका एक गिलास सेवन करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

3. सत्तू शरबत: ऊर्जा और नेचुरल प्रोटीन का पावरहाउस

भुने हुए चने को पीसकर तैयार किया जाने वाला सत्तू मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड का पारंपरिक पेय है। आजकल अपनी न्यूट्रिशनल वैल्यू के कारण इसे सुपरफूड का दर्जा मिल चुका है।
  • सेहत के लिए फायदे: सत्तू में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को स्थिर रखते हुए लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता और निरंतर ऊर्जा देता है।
  • बनाने का सही तरीका: इसे दो तरीकों से बनाया जा सकता है:
    • नमकीन सत्तू: सत्तू में ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और बारीक कटा प्याज मिलाकर पिएं।
    • मीठा सत्तू: सत्तू में देसी खांड या गुड़ का पाउडर और पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें।

4. बेल का शरबत: आंतों और पेट के विकारों के लिए रामबाण

बेल (Wood Apple) का फल अपनी ठंडी तासीर के लिए प्रसिद्ध है। गर्मियों में पेट की गंभीर समस्याओं से राहत दिलाने के लिए बेल का शरबत आयुर्वेद में भी बेहद गुणकारी माना गया है।
  • सेहत के लिए फायदे: इसमें प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन C पाए जाते हैं। यह कब्ज, दस्त, पेचिश (Dysentery) और आंतों की सूजन में अत्यंत लाभकारी है।
  • बनाने का सही तरीका: बेल के गूदे को निकालकर पानी में हाथ से अच्छी तरह मैश कर लें। इसके रेशे और बीज छानकर अलग कर दें। इसमें स्वादानुसार हल्की मिश्री या बिना चीनी के भी पिया जा सकता है।

5. नींबू शिकंजी: इंस्टेंट एनर्जी और रीहाइड्रेशन बूस्टर

नींबू शिकंजी भारत के हर गली-कोने में मिलने वाला सबसे आसान और असरदार समर ड्रिंक है। धूप से बाहर लौटकर आने पर यह शरीर को पलभर में रीहाइड्रेट कर देता है।
  • सेहत के लिए फायदे: नींबू में मौजूद विटामिन C इम्यूनिटी को बूस्ट करता है। नमक और मिठास का प्राकृतिक संतुलन शरीर को ओआरएस (ORS) जैसा इलेक्ट्रोलाइट रीहाइड्रेशन प्रदान करता है।
  • बनाने का सही तरीका: ठंडे पानी में एक नींबू का रस, भुना जीरा, चुटकीभर काला नमक और मिश्री का पाउडर मिलाकर तुरंत सेवन करें।

6. ताजा नारियल पानी: कुदरती इलेक्ट्रोलाइट्स का शुद्धतम स्रोत

नारियल पानी प्रकृति का सबसे शुद्ध और प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक है। इसमें किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होती और यह सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है।
  • सेहत के लिए फायदे: नारियल पानी में पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्राकृतिक शर्करा पाई जाती है। यह शरीर का तापमान नियंत्रित करता है, किडनी की सफाई में मदद करता है और वर्कआउट के बाद की थकान को तुरंत दूर करता है। इसमें कैलोरी और फैट नाममात्र का होता है।

7. जलजीरा: पाचन और मूड को तुरंत फ्रेश करने वाला पेय

जलजीरा अपने तीखे, खट्टे और चटपटे स्वाद के लिए जाना जाता है। भीषण गर्मी में जब भारीपन या जी मिचलाने जैसी स्थिति महसूस हो, तब जलजीरा सबसे ज्यादा राहत देता है।
  • सेहत के लिए फायदे: इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले जैसे पुदीना, अमचूर, हींग, काला नमक और जीरा जठराग्नि को तीव्र करते हैं और गैस व अपच से तुरंत राहत दिलाते हैं।
  • बनाने का सही तरीका: ताजे पुदीने और हरे धनिये को पीसकर पेस्ट बना लें। इसे ठंडे पानी में मिलाएं और साथ में अमचूर पाउडर, भुना जीरा, हींग और काला नमक मिलाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें।

स्वास्थ्य सुरक्षा गाइड: गर्मियों में ड्रिंक्स का सेवन करते समय सावधानियां

  1. सफेद चीनी से बचें: घर पर शरबत बनाते समय प्रोसेस्ड सफेद चीनी की जगह धागे वाली मिश्री, देसी खांड या गुड़ का इस्तेमाल करें। चीनी शरीर में जाकर गर्मी उत्पन्न करती है, जबकि मिश्री की तासीर प्राकृतिक रूप से ठंडी होती है।
  2. बाहरी बर्फ और पानी की स्वच्छता: अगर आप बाहर सड़क किनारे इन पेयों का आनंद ले रहे हैं, तो पानी और बर्फ की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। दूषित पानी से पीलिया (Jaundice), टाइफाइड और पेट के इंफेक्शन का खतरा रहता है।
  3. पर्याप्त सामान्य पानी पिएं: इन पेयों के अलावा दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर सादा पानी जरूर पिएं।
  4. जल-युक्त मौसमी फल: अपने दैनिक आहार में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे फलों को शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा 90% से अधिक होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या शुगर (मधुमेह) के मरीज सत्तू और बेल का शरबत पी सकते हैं?
उत्तर: हाँ, सत्तू का नमकीन शरबत (बिना चीनी का) डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। बेल के शरबत में बिना अतिरिक्त चीनी मिलाए सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है, लेकिन बेहतर होगा कि एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ले लें।
Q2. गर्मियों में दिनभर में कितना छाछ या सत्तू पीना सही रहता है?
उत्तर: दिनभर में 1 से 2 गिलास छाछ या सत्तू का शरबत पर्याप्त होता है। सत्तू का सेवन दोपहर से पहले या दोपहर के समय करना सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह पचने में थोड़ा भारी होता है।
Q3. क्या नारियल पानी की जगह पैकेज्ड कोकोनट वॉटर पिया जा सकता है?
उत्तर: हमेशा ताजा नारियल पानी पीना ही सबसे उत्तम होता है। पैकेज्ड नारियल पानी में प्रिजर्वेटिव्स और अतिरिक्त शुगर मिलाई जा सकती है, जिससे उसके प्राकृतिक लाभ कम हो जाते हैं।
Q4. आम पन्ना पीने का सबसे सही समय कौन सा है?
उत्तर: दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से पहले या बाहर से लौटकर आने के 10-15 मिनट बाद आम पन्ना पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। यह लू के असर को तुरंत बेअसर कर देता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताए गए उपाय या पेय किसी चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी गंभीर बीमारी, एलर्जी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहे हैं, तो अपने आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या डायटिशियन से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।