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उत्तर प्रदेश में विकास की नई उड़ान: सीएम योगी ने बुलंदशहर को दी ₹574 करोड़ की सौगात, किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी का ऐलान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

बुलंदशहर । शनिवार, 18 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों को प्रगति की नई रफ़्तार देते हुए 574 करोड़ रुपये की 57 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। बुलंदशहर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने न सिर्फ बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की घोषणाएं कीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था में आए बदलावों को भी जनता के सामने रखा।

2017 से पहले बनाम आज का उत्तर प्रदेश: ‘अब सब चंगा है’

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश के हर जिले में दंगे होते थे, थानों में माफिया का दखल था और सिंडिकेट राज के कारण युवाओं के रोजगार के अवसर छिन रहे थे। उन्होंने 2007 से 2017 के बीच राज्य की चीनी मिलों को बेचे जाने का मुद्दा भी उठाया।

विगत वर्षों में आए बदलाव का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, “आज प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा है, अब सब चंगा है।” उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाकर निवेश और विकास के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करने का दावा किया।

किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी और रिंग रोड की मंजूरी

क्षेत्र के किसानों और बुनियादी ढांचे के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़ी घोषणाएं कीं:

  1. मुआवजे में वृद्धि: गंगा एक्सप्रेस-वे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उनके मुआवजे की राशि को बढ़ाने का ऐलान किया गया।

  2. रिंग रोड को स्वीकृति: बुलंदशहर नगर में यातायात को सुगम बनाने और जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए एक नई रिंग रोड के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बेटियों को भी मिलेगा दाखिला

इससे पहले शनिवार सुबह मुख्यमंत्री शिकारपुर स्थित ‘रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर’ पहुंचे। यहाँ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण घोषणा की। अब इस सैनिक विद्या मंदिर में छात्रों के साथ-साथ छात्राओं (बेटियों) को भी दाखिला दिया जाएगा।

छात्राओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक आधुनिक छात्रावास (Hostel) का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चौथे सरसंघचालक रहे प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) की माताजी की स्मृति में भी छात्रों के लिए एक छात्रावास बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आरएसएस को दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बताते हुए राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान को सराहा।

“वोट की ताकत से बदले सांस्कृतिक गौरव के आयाम”

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण और काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर का कायाकल्प बुलंदशहर की जनता के वोटों की ताकत का ही परिणाम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करें और देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने (शताब्दी समारोह) तक भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का संकल्प लें। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए हमें छुआछूत, जाति, क्षेत्र और भाषा के भेदों से ऊपर उठकर काम करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर को कुल कितने करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी?

Ans: मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 574 करोड़ रुपये की 57 विकास परियोजनाओं का बटन दबाकर लोकार्पण और शिलान्यास किया।

Q2. लिंक एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों के लिए क्या घोषणा की गई?

Ans: गंगा एक्सप्रेस-वे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनके मुआवजे को बढ़ाने की घोषणा की गई है।

Q3. रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर को लेकर क्या नई नीति अपनाई गई है?

Ans: अब इस संस्थान में छात्रों के साथ-साथ छात्राओं (लड़कियों) को भी प्रवेश मिलेगा, और प्रदेश सरकार उनके लिए अलग से छात्रावास का निर्माण कराएगी।

Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध समाचार स्रोतों और मुख्यमंत्री के सार्वजनिक संबोधन पर आधारित है। विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन और मुआवजे की सटीक दरों से संबंधित आधिकारिक विवरण के लिए कृपया उत्तर प्रदेश शासन या संबंधित जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट्स को देखें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।