शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:54:04 PM

आज रात अनिल कपूर के साथ देखिए और खेलिए भारत का सबसे बड़ा गेम शो- ‘इंडिया के टॉप 1%’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गेम होस्ट करते हुए अनिल कपूर ने सुनाया जवानी के दिनों का मजेदार किस्सा, बताया कैसे दोस्तों के साथ बिना बुलाए शादियों में पहुँच जाते थे अभिनेता

मुंबई, सितम्बर, 2026: अनिल कपूर आज रात स्टार प्लस के ‘इंडिया के टॉप 1%- द अनिल कपूर शो’ के ग्रैंड प्रीमियर के साथ टेलीविजन पर धमाकेदार आगाज करने के लिए तैयार हैं। इस गेम शो में 100 प्रतियोगी अपनी सूझबूझ, बारीक नजर और रोजमर्रा की समझ के दम पर टॉप 1% में जगह बनाने और 1 करोड़ रुपए तक जीतने के लिए खेलेंगे।
हालाँकि, इस खेल का रोमांच केवल मंच पर मौजूद प्रतियोगियों तक सीमित नहीं रहेगा। जियोहॉटस्टार के ‘प्ले अलॉन्ग’ फीचर के जरिए दर्शक भी घर बैठे रियल टाइम में सवालों के जवाब दे सकेंगे और खेल का हिस्सा बन पाएँगे। इतना ही नहीं, उनके पास स्मार्टफोन और स्मार्ट टीवी जैसे शानदार इनाम जीतने का मौका भी होगा।

शो के दौरान अपने तिलक नगर के दिनों को याद करते हुए अनिल कपूर ने एक मजेदार किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया, “हम चेंबूर के तिलक नगर में रहते थे, जहाँ छोटी-बड़ी कई शादियाँ होती रहती थीं। मैं और मेरे दोस्त मिलकर उन शादियों में पहुँच जाते थे। मुफ्त की चीज किसे पसंद नहीं होती? चाहे कोई तोहफा हो या खाना, अगर कुछ मुफ्त मिल रहा हो तो लोग कहीं भी पहुँच जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं तो वहाँ सिर्फ गोल्ड स्पॉट और मैंगोला पीने जाता था। हम ‘हैलो, हैलो, कैसे हैं आप?’ कहते हुए अंदर घुसते और सीधे काउंटर पर पहुँच जाते थे। वहाँ हम गोल्ड स्पॉट और मैंगोला की 11 से 12 बोतलें पी जाते थे। आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी, ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना।’ लेकिन, असल में इसे होना चाहिए, बेगानी शादी में अनिल कपूर दीवाना!”

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आज रात 8 बजे स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर देखिए ‘इंडिया के टॉप 1%- द अनिल कपूर शो’ का ग्रैंड प्रीमियर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।