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बदलती लाइफस्टाइल और थायराइड: क्यों हर घर में दस्तक दे रही है यह बीमारी? जानें कारण और बचाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सुविधाओं के करीब तो आ रहे हैं, लेकिन सेहत से दूर होते जा रहे हैं। हाल के वर्षों में भारत में थायराइड (Thyroid) के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। विशेषकर महिलाओं और युवाओं में यह समस्या एक ‘साइलेंट महामारी’ की तरह फैल रही है। हेल्थ विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी खराब जीवनशैली और तनाव इसके सबसे बड़े जिम्मेदार कारक हैं।

क्या है थायराइड और यह कैसे काम करता है?

थायराइड गले के निचले हिस्से में स्थित एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि (Gland) होती है। यह ‘थायरोक्सिन’ हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, हृदय गति और पाचन तंत्र को नियंत्रित करता है।

जब यह ग्रंथि असंतुलित हो जाती है, तो दो स्थितियां पैदा होती हैं:

  1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism): जब ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है (वजन बढ़ना, थकान)।

  2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): जब ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है (वजन घटना, घबराहट)।

कैसे हमारी लाइफस्टाइल हमें बीमार बना रही है?

1. अत्यधिक तनाव (Chronic Stress)

आज की ‘कॉर्पोरेट लाइफ’ और निजी जीवन का तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है। यह हार्मोन थायराइड ग्रंथि के कामकाज में सीधा दखल देता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है।

2. प्रोसेस्ड फूड और खराब खान-पान

पैकेट बंद भोजन, अत्यधिक चीनी, और मैदा युक्त डाइट शरीर में सूजन (Inflammation) पैदा करती है। आयोडीन की कमी या अधिकता भी थायराइड को प्रभावित करती है। साथ ही, सोया उत्पादों का अत्यधिक सेवन भी कुछ स्थितियों में इसे बिगाड़ सकता है।

3. नींद की कमी और स्क्रीन टाइम

देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल और 7-8 घंटे की गहरी नींद न लेना शरीर की ‘सर्कैडियन रिदम’ (जैविक घड़ी) को खराब कर देता है। नींद की कमी सीधे तौर पर एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करती है।

4. शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle)

घंटों एक जगह बैठकर काम करना और व्यायाम न करने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। मोटापा थायराइड की समस्याओं को न केवल न्योता देता है बल्कि उसे और गंभीर बना देता है।

प्रमुख लक्षण: इन्हें नजरअंदाज न करें

  • बिना कारण थकान और कमजोरी महसूस होना।

  • अचानक वजन बढ़ना या बहुत कम हो जाना।

  • बालों का झड़ना और त्वचा में सूखापन।

  • चिड़चिड़ापन, अवसाद या मूड स्विंग्स।

  • महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना।

बचाव के उपाय: लाइफस्टाइल में करें ये 5 बदलाव

  1. संतुलित आहार: अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें। बाहर के जंक फूड से बचें।

  2. नियमित व्यायाम: योग (विशेषकर सर्वांगासन और उज्जायी प्राणायाम) और पैदल चलना थायराइड के लिए बेहद फायदेमंद है।

  3. तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, गहरी सांस लेने के व्यायाम और अपनी हॉबी के लिए समय निकालें।

  4. नियमित जांच: 30 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार TSH Test जरूर करवाएं।

  5. पर्याप्त नींद: रात को जल्दी सोएं और एक निश्चित रूटीन का पालन करें।

नोट : यह एक सामान्य सलाह है, अधिक समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लें.

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।