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अनिल अंबानी पर CBI का शिकंजा: 19,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड में 8 घंटे तक तीखे सवाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक, रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। गुरुवार को दिल्ली स्थित मुख्यालय में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी से करीब 8 घंटे तक तीखे सवाल-जवाब किए गए। यह पूछताछ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा दर्ज कराई गई उस शिकायत के आधार पर हो रही है, जिसमें 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के फंड डायवर्जन का आरोप है।

? आज फिर होगी पूछताछ, बेटे अनमोल अंबानी पर भी कसा शिकंजा

CBI ने अनिल अंबानी को आज (शुक्रवार, 20 मार्च) फिर से पेश होने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले उनके बड़े बेटे जय अनमोल अंबानी से भी एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले (Reliance Home Finance) में 6 घंटे से ज्यादा पूछताछ की जा चुकी है।

? 19,694 करोड़ का ‘मकड़जाल’: क्या हैं मुख्य आरोप?

अगस्त 2025 में दर्ज हुई FIR के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 2013 से 2017 के बीच कई बैंकों से लोन लिया था। जांच में सामने आया है कि:

  • फंड डायवर्जन: लोन की राशि का उपयोग व्यापार के बजाय समूह की अन्य कंपनियों में ‘इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट’ के जरिए किया गया।

  • फर्जी देनदार (Fictitious Debtors): ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि फंड को छिपाने के लिए कागजों पर फर्जी देनदार दिखाए गए और बाद में उन्हें ‘राइट-ऑफ’ कर दिया गया।

  • बैंकों का नुकसान: SBI को अकेले 2,929 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। अन्य बैंकों जैसे PNB, UCO बैंक और IDBI बैंक का भी हजारों करोड़ रुपया दांव पर है।

? जांच की ताजा स्थिति: 2026 में दर्ज हुए नए मामले

CBI की जांच का दायरा अब केवल पुरानी शिकायतों तक सीमित नहीं है। एजेंसी ने हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा (25 फरवरी 2026) और पंजाब नेशनल बैंक (5 मार्च 2026) की शिकायतों पर दो नई FIR भी दर्ज की हैं।

मुख्य घटनाक्रमतारीख/विवरण
पहली FIR दर्ज21 अगस्त 2025 (SBI की शिकायत पर)
मुंबई आवास पर छापेमारी23 अगस्त 2025 (‘सी विंड’ आवास और RCom दफ्तर)
ED की कार्रवाई16,310 करोड़ की संपत्ति अब तक अटैच की जा चुकी है
चीनी बैंकों का दबावचीन के तीन बड़े बैंकों का भी ₹13,558 करोड़ का बकाया उजागर

⚖️ अनिल अंबानी का पक्ष

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा है कि, “अंबानी सभी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। मामला अभी विभिन्न न्यायिक मंचों (NCLT और सुप्रीम कोर्ट) में लंबित है और वे कानून के तहत अपना बचाव करेंगे।”

यह मामला भारतीय बैंकिंग इतिहास के सबसे जटिल ‘मनी ट्रेल’ में से एक माना जा रहा है। CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस विशाल घोटाले में कुछ बड़े बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत थी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।