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वेस्ट बैंक हिंसा: अमेरिकी पत्रकार और यूरोपीय राजनयिकों पर हमले के बाद इजरायली पुलिस ने 10 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

यरूशलम।

ऑक्यूपाइड वेस्ट बैंक (Occupied West Bank) में सप्ताहांत के दौरान हुई गंभीर हिंसक घटनाओं के बाद इजरायली सुरक्षा बलों ने सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी फोटो पत्रकार और यूरोपीय राजनयिकों के दल पर हुए हमलों के बाद बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच इजरायली पुलिस ने सोमवार तड़के संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

यह कार्रवाई इजराइली पुलिस, शिन बेट (Shin Bet internal security agency) और इजराइली रक्षा बलों (IDF) द्वारा चलाए गए एक विशेष संयुक्त अभियान ‘ऑलिव लीफ़‘ (Operation Olive Leaf) के तहत की गई।

 

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कार्रवाई और आरोपों का ब्योरा

इजरायली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी मध्य वेस्ट बैंक में ओफरा और शिलो बस्तियों के पास स्थित अवैध कृषि चौकियों (outposts) पर तड़के की गई।

  • प्रमुख आरोप: गिरफ्तार किए गए संदिग्धों पर दंगा करने, हिंसा फैलाने, सैन्य आदेश का उल्लंघन कर प्रतिबंधित क्षेत्र (closed military zone) में प्रवेश करने तथा अवैध निर्माण में शामिल होने के आरोप दर्ज किए गए हैं।
  • साक्ष्यों की जब्ती: पुलिस ने संदिग्धों के कब्जे से हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ियां, गुलेल (slingshots) और अन्य सबूत जब्त किए हैं।

 

किस घटना के बाद बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव?

मामले ने तब तूल पकड़ा जब सप्ताहांत में जैतून की फसल की रिपोर्टिंग और निरीक्षण के दौरान अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को निशाना बनाया गया:

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  1. अमेरिकी फोटो पत्रकार पर जानलेवा हमला: द वाशिंगटन पोस्ट के लिए काम कर रही वरिष्ठ अमेरिकी फोटो पत्रकार हाइडी लेवाइन (Heidi Levine) पर अबू फलाह गाँव में नकाबपोश बस्तीवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में उनकी रीढ़ की हड्डी (spine) में फ्रैक्चर आ गया।
  2. यूरोपीय राजनयिकों से बदसलूकी: तैबेह (Taybeh) गाँव के पास स्थिति का जायजा लेने पहुंचे यूरोपीय राजनयिकों और फ्रांसीसी अधिकारियों के दल के साथ भी बस्तीवादियों ने मारपीट और धक्का-मुक्की की।

इस घटना के बाद अमेरिका, फ्रांस और यूरोपीय संघ (EU) ने इजरायल सरकार से हमलावरों पर तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।

 

जैतून की फसल के मौसम में लगातार बढ़ रहा तनाव

वेस्ट बैंक में अक्टूबर का महीना पारंपरिक जैतून की फसल (Olive Harvest) का होता है, जो फिलिस्तीनी किसानों की आजीविका की रीढ़ है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक इस सीजन में बस्तीवादियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाने, पेड़ों को काटने और किसानों पर हमला करने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

इजरायली वेस्ट बैंक पुलिस कमांडर मेजर जनरल मोशे फिंची ने कहा, “कानून लागू करने में कोई पक्षपात नहीं किया जाएगा। कानून तोड़ने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।“

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है कि पहले से जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच बस्तीवादी हिंसा में वृद्धि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. वेस्ट बैंक में 10 संदिग्धों को क्यों गिरफ्तार किया गया है?

उत्तर: उन्हें सप्ताहांत में अमेरिकी फोटो पत्रकार हाइडी लेवाइन और यूरोपीय राजनयिकों पर हुए हमलों, सैन्य प्रतिबंधों के उल्लंघन और हिंसा में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।

Q2. ‘ऑलिव लीफ़‘ ऑपरेशन क्या है?

उत्तर: ‘ऑलिव लीफ़’ इजरायली पुलिस, शिन बेट और आईडीएफ (IDF) का एक संयुक्त सुरक्षा अभियान है, जिसे जैतून की फसल के मौसम में वेस्ट बैंक में बस्तीवादी हिंसा को रोकने के लिए चलाया गया है।

Q3. हमले का शिकार हुई अमेरिकी पत्रकार कौन हैं?

उत्तर: हाइडी लेवाइन (Heidi Levine) एक जानी-मानी अमेरिकी फोटो पत्रकार हैं, जो द वाशिंगटन पोस्ट के लिए काम कर रही थीं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और इजराइली पुलिस के आधिकारिक बयानों पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। इसका उद्देश्य केवल निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है।

 

अपडेट्स के लिए मातृभूमि समाचार पर विजिट करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।