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अक्षय कुमार एस्कॉर्ट कार एक्सीडेंट: नोएडा छात्र की मौत और पुलिसिया कार्रवाई पर ताजा अपडेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. पिछले 24 घंटों में बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार के सुरक्षा काफिले से जुड़ी दुर्घटना ने सोशल मीडिया और समाचारों में काफी हलचल मचा दी है। इस घटना में नोएडा के एक छात्र की मौत और मुंबई में ऑटो चालक के घायल होने की खबरों के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

1. मुंबई (जुहू) हादसा: क्या हुआ था उस रात?

सोमवार (19 जनवरी 2026) की रात करीब 9 बजे मुंबई के जुहू इलाके (मुक्तेश्वर मार्ग) में अक्षय कुमार के काफिले की एक एस्कॉर्ट कार (इनोवा) और एक ऑटो-रिक्शा के बीच भीषण टक्कर हुई।

  • हादसे की वजह: पुलिस जांच के अनुसार, एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने ऑटो-रिक्शा को पीछे से टक्कर मारी, जिसके बाद ऑटो अनियंत्रित होकर अक्षय कुमार की सुरक्षा टीम की गाड़ी से जा टकराया।

  • अक्षय कुमार की स्थिति: राहत की बात यह रही कि अक्षय कुमार और उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना अपनी मुख्य गाड़ी में काफिले के आगे थे और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

2. नोएडा लिंक: छात्र की मौत और आक्रोश

इस घटना का सबसे दुखद पहलू नोएडा से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, एस्कॉर्ट कार की चपेट में आने से एक छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।

  • पुलिसिया कार्रवाई: नोएडा पुलिस ने इस मामले में मर्सिडीज के चालक (राधेश्याम राय) को हिरासत में लिया है। आरोपी पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • चश्मदीदों के आरोप: कुछ चश्मदीदों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव के बाद सख्त कार्रवाई की गई है।

3. पीड़ित परिवार की मांग

हादसे में घायल ऑटो चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसके भाई मोहम्मद समीर ने मीडिया से बातचीत में अक्षय कुमार से मदद की अपील की है। परिवार का कहना है कि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन (ऑटो) पूरी तरह नष्ट हो गया है और वे इलाज के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

4. पुलिस प्रशासन का पक्ष

  • SIT का गठन: उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

  • प्रशासनिक गाज: नोएडा में सुरक्षा चूक और सड़क प्रबंधन में लापरवाही के चलते संबंधित क्षेत्र के कुछ कनिष्ठ अभियंताओं (Junior Engineers) पर भी कार्रवाई की खबर है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।