लोड हो रहा है...

पूजा कटुर्दे ने बताया कि कैसे उन्होंने बाइक सीन की शूटिंग के दौरान सुरक्षा और भावनाओं के बीच संतुलन बनाया – सोनी सब के ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई, फरवरी 2026: सोनी सब का शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’, जो अपनी प्रेरणादायक कहानी और दिल को छू लेने वाले किरदारों के लिए जाना जाता है, अब एक हाई-इंटेंसिटी सीक्वेंस लेकर आ रहा है। इस सीन में पुष्पा (करुणा पांडे) और प्रार्थना (पूजा कटुर्दे) एक साथ बाइक पर नज़र आएंगी। यह सीन तनाव और गहरी भावनाओं से भरा हुआ है, जिसमें दोनों किरदारों की जर्नी को बेहद दमदार अंदाज़ में दिखाया गया है।

यह सीक्वेंस एक्टर्स के लिए भावनात्मक और शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। सीन के दौरान पूजा कटुर्दे को बाइक चलानी थी और करुणा पांडे उनके पीछे बैठी थीं। स्क्रीन पर यह पल जितना रोमांचक दिखता है, उतना ही कठिन इसे फिल्माना था। इसके लिए कई बार रिहर्सल किए गए, दोनों के बीच तालमेल बैठाना पड़ा और सबसे ज़रूरी था एक-दूसरे पर पूरा भरोसा रखना। चूंकि सीन में भावनाओं का भार बहुत ज़्यादा था, पूजा और करुणा दोनों को पूरी तरह से उस पल में रहना पड़ा, साथ ही बाइक चलाते समय सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ा। सेट पर माहौल गंभीर था क्योंकि सभी जानते थे कि इस सीन को सही तरीके से करना कितना अहम है।

अनुभव साझा करते हुए पूजा कटुर्डे ने कहा, “करुणा मैम मेरे पीछे बैठी थीं और उस वक्त मुझे बहुत ज़िम्मेदारी महसूस हो रही थी। मुझे सड़क पर ध्यान देना था, कैमरे पर ध्यान देना था और साथ ही भावनाओं को भी निभाना था। हमने फाइनल टेक से पहले कई बार प्रैक्टिस की क्योंकि सुरक्षा सबसे ज़रूरी थी। शूटिंग के दौरान मुझे सच में सीन का तनाव महसूस हुआ और उसी ने मेरी परफॉर्मेंस को बेहतर बना दिया। करुणा मैम लगातार मुझे सपोर्ट करती रहीं और कहती रहीं कि शांत रहो। जब सीन पूरा हुआ तो हम दोनों बहुत भावुक हो गए। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मेरे लिए एक्टर के तौर पर बेहद खास भी।”

- Advertisement -

देखिए ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’, हर सोमवार से शनिवार रात 9:30 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।

Featured Articles

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।