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ईरान में हड़कंप: बुशहर परमाणु संयंत्र के करीब 4.5 तीव्रता का भूकंप, क्या है प्लांट की स्थिति?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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तेहरान. मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी हिस्से से बड़ी खबर आ रही है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 की सुबह ईरान के बुशहर (Bushehr) प्रांत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई है। चूंकि यह इलाका ईरान के एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र का केंद्र है, इसलिए इस भूकंप ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

भूकंप का केंद्र और गहराई

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और ईरानी सीस्मोलॉजिकल सेंटर के अनुसार:

  • समय: भूकंप शुक्रवार सुबह स्थानीय समयानुसार महसूस किया गया।

  • केंद्र: इसका केंद्र बुशहर शहर से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर बोराजजान (Borazjan) के पास था।

  • गहराई: जमीन से मात्र 10 किलोमीटर नीचे केंद्र होने के कारण झटके काफी प्रभावी थे, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।

परमाणु संयंत्र पर क्या हुआ असर?

बुशहर परमाणु संयंत्र की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर ईरानी अधिकारियों ने स्पष्टीकरण जारी किया है।

  1. कोई नुकसान नहीं: संयंत्र के कार्यकारी निदेशक के अनुसार, भूकंप से न्यूक्लियर प्लांट की संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और सभी परिचालन सामान्य हैं।

  2. सुरक्षा मानक: यह प्लांट 8.0 तीव्रता तक के भूकंप को झेलने की क्षमता रखता है, जबकि आज का झटका उससे काफी कम तीव्रता का था।

  3. IAEA की नजर: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी स्थिति की निगरानी कर रही है। फिलहाल रेडिएशन लीक या तकनीकी खराबी की कोई रिपोर्ट नहीं है।

हालिया तनाव और भूकंप का ‘संयोग’

गौरतलब है कि पिछले 48 घंटों में ईरान के कई हिस्सों में विस्फोटों और मिसाइल गतिविधियों की खबरें आई थीं। ऐसे में बुशहर जैसे संवेदनशील इलाके में भूकंप आने से स्थानीय लोगों में यह डर भी बैठ गया कि कहीं यह कोई सैन्य गतिविधि तो नहीं। हालांकि, भूगर्भ वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि यह एक प्राकृतिक विवर्तनिक (Natural Tectonic) भूकंप था, जो इस क्षेत्र की सक्रिय ‘जाग्रोस फॉल्ट लाइन’ के कारण आया।

क्या है वर्तमान स्थिति?

  • जनहानि: अभी तक किसी की मृत्यु या गंभीर चोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

  • संपत्ति का नुकसान: ग्रामीण इलाकों में कुछ पुरानी इमारतों की दीवारों में दरारें आने की खबरें हैं।

  • प्रशासनिक अलर्ट: बुशहर और आसपास के क्षेत्रों में बचाव दल (Red Crescent) को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी ‘आफ्टरशॉक’ (भूकंप के बाद के झटके) से निपटा जा सके।

महत्वपूर्ण नोट: विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह हिस्सा भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय है, इसलिए स्थानीय लोगों को ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ जैसे सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।