ओडेसा । सोमवार, 20 जुलाई 2026
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष अब केवल थल और वायु तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि काला सागर (Black Sea) वैश्विक युद्ध और तनाव का नया प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में ओडेसा (Odesa) बंदरगाह से अनाज लादकर अंतर्राष्ट्रीय जलसीमा की ओर बढ़ रहे विदेशी मर्चेंट वेसल (व्यापारी जहाज) ‘Golden Leo’ पर रूसी सेना द्वारा तीन क्रूज मिसाइलें दागने का गंभीर मामला सामने आया है।
मिसाइलें सीधे जहाज के मुख्य ढांचे से टकराईं, जिसके बाद onboard भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक दल के सदस्यों और एक यूक्रेनी पायलट सहित कुल 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
18 सदस्यीय क्रू में भारतीय नागरिक भी शामिल
यूक्रेनी रक्षा और समुद्री अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे तले तैर रहे इस व्यापारी जहाज पर 18 सदस्यीय दल सवार था। इसमें भारतीय, सीरियाई और यूक्रेनी नागरिक शामिल थे।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने पुष्टि की कि जहाज पर भारतीय नागरिक भी मौजूद थे। आपातकालीन बचाव टीमों (Navy & Rescue Services) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 नाविकों को सुरक्षित बचाकर ओडेसा के अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि प्रारंभिक खोज अभियान के बाद मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
खाद्य आपूर्ति और नागरिक जहाजों पर सीधा खतरा
यूक्रेनी सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यूक्रेन का कहना है कि Golden Leo कोई सैन्य जहाज नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से नागरिक व्यापारिक गतिविधियों का हिस्सा था जो वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (Global Food Supply Chain) को बनाए रखने के लिए मक्का (Corn) लेकर रवाना हुआ था।
काला सागर में पिछले कुछ दिनों में व्यापारी जहाजों पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे ठीक एक दिन पहले एंटीगुआ और बारबूडा के ध्वज वाले एक अन्य पोत को भी निशाना बनाया गया था।
जवाबी कार्रवाई और बढ़ता सैन्य तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि काला सागर में यह तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। हाल के हफ्तों में यूक्रेन ने भी रूसी नौसैनिक ठिकानों, तेल डिपो और क्रीमिया क्षेत्र के रसद मार्गों पर ड्रोन हमलों में काफी तेजी लाई है। हालांकि, रूस ने आधिकारिक रूप से Golden Leo पर हुए इस हमले पर सीधी टिप्पणी नहीं की है।
जेलेंस्की प्रशासन के अनुसार, जुलाई 2023 से अब तक रूस के हमलों में 300 से अधिक बंदरगाह अवसंरचनाएं और दर्जनों विदेशी व्यापारी पोत क्षतिग्रस्त या तबाह हो चुके हैं।
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘Golden Leo’ कार्गो शिप किस देश का था और इस पर क्या सामान लदा था?
उत्तर: यह जहाज गिनी-बिसाऊ (Guinea-Bissau) के झंडे तले पंजीकृत था और एक तुर्की/भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। यह ओडेसा बंदरगाह से मक्का (अनाज) लेकर अंतर्राष्ट्रीय बाजार की ओर जा रहा था।
Q2. क्या इस हमले में भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं?
उत्तर: हाँ, 18 सदस्यीय क्रू में भारतीय, सीरियाई और यूक्रेनी नागरिक शामिल थे। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की उपस्थिति की पुष्टि की है।
Q3. इस हमले में कुल कितने लोगों की जान गई है?
उत्तर: नवीनतम अपडेट के अनुसार, बचाव अभियान के बाद कुल 10 लोगों (9 विदेशी क्रू मेंबर और 1 यूक्रेनी पोर्ट पायलट) की मृत्यु की पुष्टि हुई है तथा 8 लोगों को बचा लिया गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, यूक्रेनी समुद्री अधिकारियों और समाचार एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। युद्ध क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण आंकड़ों और घटनाक्रम में संशोधन संभव है।
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