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भारत-UAE आर्थिक संबंध: 100 अरब डॉलर के पार पहुँचा द्विपक्षीय व्यापार, 2032 तक 200 अरब डॉलर का नया लक्ष्य

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों ने एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है, जहाँ कुल द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत और UAE के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा लगभग 100.05 अरब डॉलर था। इस निरंतर वृद्धि से साबित होता है कि दोनों देशों का आर्थिक तालमेल बेहद मजबूत स्थिति में है।

 

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CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) की ऐतिहासिक भूमिका

भारत-UAE व्यापारिक संबंधों को गति देने में मई 2022 से लागू हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) ने गेम-चेंजर का काम किया है।

  • सीमा शुल्क और व्यापारिक बाधाओं में कमी: CEPA के तहत अधिकांश वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ को घटाया या समाप्त किया गया।
  • निर्यात में वृद्धि: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का UAE को कुल निर्यात 37.36 अरब डॉलर तक पहुँचा।
  • प्रमुख वस्तुएं: दोनों देशों के बीच पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, खाद्य उत्पाद, वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स का बड़े पैमाने पर व्यापार हो रहा है।

 

भारत के लिए UAE का रणनीतिक महत्व

UAE भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक होने के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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  1. गेटवे टू वेस्ट एशिया: UAE भारत के लिए पश्चिम एशिया, उत्तर अफ्रीका और यूरोपीय बाज़ारों में प्रवेश का मुख्य केंद्र (Trade Hub) है।
  2. ऊर्जा सुरक्षा: तेल और गैस आपूर्ति में UAE भारत का विश्वसनीय साझेदार रहा है।
  3. विदेशी निवेश (FDI): बुनियादी ढाँचे और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में UAE से भारत में निवेश तेज़ी से बढ़ा है।

 

2032 तक 200 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य

अब दोनों देशों की नज़रें आने वाले दशक के नए आर्थिक क्षितिज पर हैं। भारत और UAE ने मिलकर वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निम्नलिखित कारकों से यह लक्ष्य हासिल करना संभव होगा:

  • गैर-तेल (Non-Oil) व्यापार का विस्तार।
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था, फिनटेक और ब्लॉकचेन में सहयोग।
  • खाद्य सुरक्षा (Food Security Corridor) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) परियोजनाओं में निवेश।
  • एमएसएमई (MSMEs) और स्टार्टअप्स को बाज़ार की सीधी पहुँच प्रदान करना।

 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और UAE के बीच कितना व्यापार हुआ?

उत्तर: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और UAE के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 101.25 अरब डॉलर दर्ज किया गया।

Q2. CEPA समझौता कब लागू हुआ था?

उत्तर: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) मई 2022 में लागू हुआ था।

Q3. भारत और UAE ने 2032 तक कितना व्यापार का लक्ष्य रखा है?

उत्तर: दोनों देशों ने वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

 

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और आर्थिक विश्लेषणों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। व्यापारिक और वित्तीय आंकड़ों में सरकार या अंतर्राष्ट्रीय निकायों द्वारा समय–समय पर किए जाने वाले संशोधनों के आधार पर बदलाव संभव है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।