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भारत का बड़ा दांव: कमर्शियल गैस सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी, लेकिन इन शर्तों के साथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. देश में जारी ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा हस्तक्षेप किया है। पेट्रोलियम सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने शनिवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि 23 मार्च 2026 से व्यावसायिक एलपीजी (Commercial LPG) के आवंटन में 20% की और वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही अब कुल आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 50% तक पहुँच गया है।

सरकार का यह कदम न केवल रसोई और उद्योगों को राहत देने वाला है, बल्कि भारत की ऊर्जा रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी है।

?️ होटल, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों को मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त गैस सप्लाई ‘पिक एंड चूज’ के आधार पर नहीं, बल्कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को दी जाएगी:

  • खाद्य और डेयरी: होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन और डेयरी इकाइयां।

  • सामाजिक कल्याण: सरकारी और स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी वाली कैंटीन और सामुदायिक रसोई।

  • प्रवासी सहायता: प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड (FTL) सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

⚠️ ‘मुफ्त की राहत’ नहीं: उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइंस

अतिरिक्त गैस का लाभ उठाने के लिए केंद्र ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को सख्त निर्देश दिए हैं। अब उपभोक्ताओं को ये तीन काम करने होंगे:

  1. अनिवार्य पंजीकरण: सभी कमर्शियल ग्राहकों को अपना डेटा OMCs के पास रजिस्टर कराना होगा।

  2. उपयोग का ब्यौरा: उपभोक्ताओं को अपनी सालाना खपत और गैस के सटीक उपयोग की जानकारी देनी होगी।

  3. PNG की ओर पलायन: सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनी में पाइप गैस (PNG) के लिए आवेदन करना होगा। जो ग्राहक PNG के लिए तैयार नहीं होंगे, उन्हें अतिरिक्त एलपीजी का लाभ नहीं मिलेगा।

? मिडिल ईस्ट से दूरी, अमेरिका से नजदीकी: आयात के बदलते आंकड़े

लाल सागर (Red Sea) और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीति बदल दी है। S&P कमोडिटीज एट सी (CAS) की ताजा रिपोर्ट चौंकाने वाली है:

विवरणताजा आंकड़े (मार्च 2026)स्थिति
कुल आयात निर्भरता~60%स्थिर
खाड़ी देशों (Gulf) से सप्लाई89,000 टनजनवरी 2026 के बाद सबसे कम
अमेरिका से आयात1.76 लाख टनभारी बढ़ोतरी
2026 का लक्ष्य (USA से)2.2 मिलियन टनरणनीतिक साझेदारी

? विशेषज्ञों की राय: क्या संकट खत्म हो गया है?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका से बढ़ रहा आयात और घरेलू रिफाइनरियों (जैसे जामनगर) की 100% क्षमता पर काम करना एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, अमेरिका से गैस आने में 45 दिन का समय लगता है, जबकि खाड़ी देशों से यह केवल 7-8 दिन में पहुँच जाती है। इसीलिए सरकार PNG (पाइप्ड गैस) पर इतना जोर दे रही है ताकि लॉजिस्टिक दबाव कम हो सके।

निष्कर्ष

केंद्र सरकार का यह फैसला ‘राहत और सुधार’ का मिश्रण है। जहाँ एक तरफ 20% अतिरिक्त सप्लाई से बाजारों में रौनक लौटेगी, वहीं PNG की शर्त भविष्य में एलपीजी की किल्लत को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।