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महोबा का गोरखगिरि बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र: बुंदेलखंड को मिली ₹11.21 करोड़ की सौगात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ । मंगलवार, 21 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड के महोबा स्थित गोरखगिरि पर्वत को एक प्रमुख आध्यात्मिक ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत इस परियोजना के लिए लगभग 11.21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिससे अब इस क्षेत्र की सूरत बदल गई है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • ऐतिहासिक महत्व: गोरखगिरि पर्वत नाथ संप्रदाय के प्रणेता गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली है। मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान राम ने भी अपने वनवास काल का कुछ समय यहाँ व्यतीत किया था।

  • आधुनिक सुविधाएं: यहाँ श्रद्धालुओं के लिए पर्यटक सुविधा केंद्र (TFC), ध्यान केंद्र (Meditation Center) और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन थिएटर का निर्माण किया गया है।

विस्तृत खबरें: matribhumisamachar.com/

  • मंदिरों का सौंदर्यीकरण: परियोजना के तहत प्राचीन शिव तांडव मंदिर और गोरखगिरि मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है।

  • रोजगार के अवसर: स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए वेंडर कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय शिल्पकारों और दुकानदारों को सीधा लाभ मिलेगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के अनुसार, इस वर्ष महोबा में पर्यटकों की संख्या 28 लाख के पार पहुँच गई है। आगामी समय में यहाँ 51 फीट ऊंची गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा और रोप-वे का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।