रुद्रप्रयाग । रविवार, 21 जून 2026
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बीते 16 जून को हुए एक विवाद की चिंगारी अब रुद्रप्रयाग जिले तक पहुँच गई है। शनिवार को रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा लंगर धाम साहेब (दमदमा साहिब) में निहंगों और स्थानीय प्रबंधन के बीच भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बाधित कर दिया है और मौके पर भारी पुलिस बल के साथ आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को तैनात किया गया है।
दो दौर की वार्ता विफल, छत पर चढ़े निहंग
ताजा जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे के भीतर स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। जिलाधिकारी (डीएम) विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) निहारिका तोमर खुद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और निहंगों के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन दोनों ही प्रयास पूरी तरह विफल रहे। वार्ता बेनतीजा रहने के बाद डीएम मौके से लौट आए हैं, हालांकि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी के नेतृत्व में पुलिस बल निहंगों को समझाने का प्रयास कर रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार देर शाम कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादारों और एक बाबा के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति को काफी देर तक बंधक बनाकर भी रखा गया, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। घटना के बाद कुछ निहंग हाथों में हथियार और कथित तौर पर पत्थर लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वर्तमान में गुरुद्वारे के अंदर कुल आठ लोग मौजूद हैं, जिनमें से सात निहंग बताए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
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गुरुद्वारे का नाम व स्थान: शुरुआती अपुष्ट सूचनाओं में इसे केवल नगरासू का एक गुरुद्वारा बताया जा रहा था, लेकिन यह रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू-घोलतीर स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब (लंगर धाम) है।
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विवाद की मुख्य वजह: यह कोई नया स्थानीय विवाद नहीं है, बल्कि 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और कुछ निहंगों के बीच हुई हिंसक झड़प (जिसके बाद वहां धारा 163 लागू की गई थी) की प्रतिक्रिया है। निहंगों का आरोप है कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने कोई कड़ा विरोध या आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिससे वे नाराज हैं।
सरकार का सख्त रुख: सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी जेल
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर हो रही इन घटनाओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली ने शनिवार को एक बेहद कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है।
गृह सचिव बगोली ने स्पष्ट किया:
“प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह मामला दो पक्षों के बीच आपसी विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा हुआ है। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सामाजिक सौहार्द की रही है। सरकार किसी भी सूरत में इस समरसता को बिगड़ने नहीं देगी।”
सरकार ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने और इस घटना को सांप्रदायिक रूप देने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी है। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आईजी गढ़वाल करेंगे मामले की विस्तृत जांच
मामले की निष्पक्षता और संवेदनशीलता को देखते हुए गृह सचिव ने आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और पारदर्शी जांच सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एडीजी लॉ एंड ऑर्डर (ADG Law and Order) से भी पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।
यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए वर्तमान में काम कर रहे ‘चारधाम सेल’ को अब हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ दिया गया है। यह हेल्पलाइन और शिकायत निवारण तंत्र यात्रा सीजन के दौरान चौबीसों घंटे (24×7) काम करेगा, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा या सुरक्षा का खतरा न हो। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
Matribhumisamachar


