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स्वप्ना बर्मन डोप टेस्ट में पॉजिटिव: एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता पर नाडा का शिकंजा, संन्यास के बाद भी जारी रहेगी कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
नई दिल्ली । शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
भारतीय एथलेटिक्स क्षेत्र में एक बड़ा झटका तब लगा जब 2018 जकार्ता एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गईं। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने उनका नाम अस्थायी रूप से निलंबित (provisional suspension) एथलीटों की अपनी नवीनतम सूची में शामिल किया है।
29 वर्षीय स्वप्ना बर्मन के नमूनों की जांच के दौरान उसमें बोल्डेनोन (Boldenone) नाम का एक प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया है। बोल्डेनोन एक शक्तिशाली एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (Anabolic-Androgenic Steroid) है, जो विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में शामिल है।

संन्यास के बाद भी नहीं रुकेगी अनुशासनात्मक प्रक्रिया

स्वप्ना बर्मन ने इस घटनाक्रम से कुछ ही समय पहले चोटों और शारीरिक समस्याओं का हवाला देते हुए प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, NADA के नियमों के अनुसार संन्यास लेने से डोपिंग के मामलों में चल रही कानूनी और अनुशासनात्मक प्रक्रियाएं समाप्त नहीं होती हैं।
यदि कोई एथलीट अपने सक्रिय खेल करियर के दौरान का नमूना देता है, तो उसे प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। स्वप्ना के पास अभी भी अपने बचाव में निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध हैं:
  • एंटी-डोपिंग डिसिप्लिनरी पैनल (ADDP) के समक्ष सुनवाई का सामना करना।
  • अपने ‘B-Sample’ (बी-नमूने) के परीक्षण का अनुरोध करना।
यदि सुनवाई के दौरान वे उल्लंघन की दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ 2 से 4 साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। साथ ही, यदि वे भविष्य में कभी संन्यास वापस लेकर वापसी का प्रयास करेंगी, तो यह प्रतिबंध उन पर प्रभावी रहेगा।

2018 एशियाई खेलों में रचा था इतिहास

स्वप्ना बर्मन भारत की सबसे लोकप्रिय और सफल एथलीटों में से एक रही हैं। 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में उन्होंने हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा था। वे एशियाई खेलों के इतिहास में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनी थीं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

वर्तमान स्थिति: केवल अस्थायी निलंबन

यह स्पष्ट किया जाता है कि NADA द्वारा लगाया गया यह निलंबन फिलहाल अस्थायी (Provisional) है। यह कोई अंतिम दोषसिद्धि (final conviction) नहीं है। पूरी सुनवाई और बी-सैंपल की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही एजेंसी इस मामले में अंतिम निर्णय जारी करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. स्वप्ना बर्मन कौन हैं?
स्वप्ना बर्मन भारत की एक प्रमुख हेप्टाथलीट हैं, जिन्होंने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
2. स्वप्ना बर्मन के टेस्ट में कौन सा प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया है?
उनके नमूने में ‘बोल्डेनोन’ (Boldenone) पाया गया है, जो एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है।
3. क्या संन्यास के बाद डोपिंग की जांच बंद हो जाती है?
नहीं, NADA और WADA के नियमों के तहत संन्यास लेने से अनुशासनात्मक कार्रवाई बंद नहीं होती। एथलीट को प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों और NADA के अस्थायी निलंबन आदेश की जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। यह किसी भी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं करता है; अंतिम फैसला अनुशासनात्मक समिति की सुनवाई के बाद ही तय होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।