सोमवार, सितंबर 21 2026 | 11:04:33 PM

लगातार छह सप्ताह की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 564 अंक उछला, रुपया भी हुआ मजबूत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
मुंबई । 
भारतीय शेयर बाजार में पिछले छह हफ्तों से जारी लगातार मंदी के चक्र पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। सोमवार, 21 सितंबर 2026 को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर बंद हुए, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।

बाजार का ताजा हाल: सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े

सोमवार को कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 564.03 अंक यानी 0.76% की बढ़त के साथ 74,858.99 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी (NSE Nifty 50) 67.90 अंक यानी 0.29% चढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया।
यह निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दर्ज की गई बढ़त है। इन चार दिनों में निफ्टी ने करीब 1.3% की रिकवरी दर्ज की है।

शेयर बाजार में तेजी के मुख्य कारण

  1. कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में नरमी:
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम गिरकर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी से देश में महंगाई और आयात लागत का दबाव कम हुआ है।
  2. वैल्यू बाइंग (Value Buying):
    लगातार छह हफ्तों की भारी गिरावट के बाद कई प्रमुख लार्जकैप शेयरों के मूल्यांकन आकर्षक हो गए थे, जिससे निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में लिवाली शुरू की।
  3. विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मजबूती:
    अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार को 5.75 पैसे मजबूत होकर ₹95.8150 पर बंद हुआ (पिछला बंद: ₹95.8725)। कारोबार के दौरान यह ₹95.72 तक भी पहुंचा था।

 

सूचकांक / संपत्ति अंतिम बंद भाव बदलाव / बढ़त
बीएसई सेंसेक्स 74,858.99 +564.03 अंक (+0.76%)
एनएसई निफ्टी 50 23,414.30 +67.90 अंक (+0.29%)
भारतीय रुपया (USD/INR) ₹95.8150 +5.75 पैसे

मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन

भले ही लार्जकैप शेयरों की मदद से मुख्य सूचकांकों में रिकवरी आई है, लेकिन व्यापक बाजार (Broad Market) में छोटे और मिडकैप (Smallcap & Midcap) शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सुस्त रहा। विश्लेषकों का मानना है कि छोटे शेयरों में स्थिरता आने में थोड़ा और समय लग सकता है।

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की चाल मुख्य रूप से निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करेगी:
  • पश्चिम एशिया (Middle East) में भू-राजनीतिक परिस्थितियां
  • कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक दरें
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी और बिकवाली के आंकड़े

 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. 21 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए?
Ans: सेंसेक्स 564.03 अंक बढ़कर 74,858.99 पर और निफ्टी 67.90 अंक चढ़कर 23,414.30 के स्तर पर बंद हुआ।
Q2. बाजार में तेजी की मुख्य वजह क्या रही?
Ans: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) के दामों में आई कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती मुख्य वजहें रहीं।
Q3. क्या स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी तेजी रही?
Ans: नहीं, मुख्य सूचकांकों में बढ़त के बावजूद स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से कमजोर रहा।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है और इसे वित्तीय या शेयर बाजार में निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।