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रामलला प्राण प्रतिष्ठा के 2 साल: अयोध्या की बदली सूरत और ₹10,000 करोड़ की अर्थव्यवस्था

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भव्य रूप से सजा हुआ अयोध्या का राम जन्मभूमि पथ और पर्यटकों की भीड़।

अयोध्या. 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पिछले दो वर्षों (2024-2026) में अयोध्या ने एक साधारण धार्मिक कस्बे से उभरकर एक वैश्विक आध्यात्मिक महानगर का रूप ले लिया है। आज, 2026 में अयोध्या उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है।

यहाँ पिछले दो वर्षों में अयोध्या की सूरत और अर्थव्यवस्था में आए बदलावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:

1. पर्यटन और फुटफॉल में ऐतिहासिक उछाल

राम मंदिर के कपाट खुलने के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

  • श्रद्धालुओं की संख्या: 2023 में जहाँ लगभग 5.75 करोड़ लोग आए थे, वहीं 2025 के केवल शुरुआती छह महीनों में ही 23.82 करोड़ से अधिक पर्यटक अयोध्या पहुँचे।

  • वैश्विक केंद्र: अब अयोध्या केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी ‘पसंदीदा डेस्टिनेशन’ बन चुका है। प्रतिदिन औसतन 1.5 से 2 लाख लोग रामलला के दर्शन कर रहे हैं।

2. अर्थव्यवस्था और जीडीपी (GDP) में वृद्धि

अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था अब ‘टेम्पल इकोनॉमी’ (Temple Economy) के दम पर तेजी से बढ़ रही है।

  • जीडीपी का बढ़ता ग्राफ: नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अयोध्या की जीडीपी अब ₹10,207 करोड़ के पार पहुँच गई है। उत्तर प्रदेश की कुल जीडीपी में जिले का योगदान अब 1.5% तक हो गया है।

  • राजस्व संग्रह: अयोध्या के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2028 तक अयोध्या की पर्यटन अर्थव्यवस्था ₹18,000 करोड़ तक पहुँच जाएगी।

3. इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प (2024-2026)

पिछले दो वर्षों में अयोध्या का बुनियादी ढांचा पूरी तरह बदल चुका है:

  • सड़कें और मार्ग: ‘राम पथ’, ‘भक्ति पथ’, ‘धर्म पथ’ और ‘जन्मभूमि पथ’ जैसे चौड़े और भव्य मार्गों ने शहर की भीड़भाड़ को व्यवस्थित किया है। 2026 तक कई नए ओवरब्रिज और 55 वैदिक वनों का विकास पूरा हो चुका है।

  • कनेक्टिविटी: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन ने वैश्विक कनेक्टिविटी को सुगम बनाया है।

  • प्रवेश द्वार: शहर के चारों ओर छह भव्य प्रवेश द्वार (श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, गरुड़ और जटायु द्वार) बनाए गए हैं।

4. रोजगार और स्थानीय व्यवसाय

अयोध्या मॉडल ने स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोले हैं:

  • आय में वृद्धि: छोटे दुकानदारों, फूल विक्रेताओं और हस्तशिल्पकारों की दैनिक आय जो पहले ₹200-₹300 थी, अब बढ़कर ₹1,000 से ₹1,500 हो गई है। कुछ क्षेत्रों में व्यापार 5 से 8 गुना तक बढ़ा है।

  • हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: अयोध्या में 40 से अधिक बड़े होटल (4-स्टार और 5-स्टार) निर्माणाधीन हैं। साथ ही, 1,100 से अधिक होम-स्टे रजिस्टर्ड हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला है।

5. रियल एस्टेट में ‘बूम’

अयोध्या निवेश के लिए देश का सबसे हॉटस्पॉट बन गया है।

  • प्रॉपर्टी की कीमतें: पिछले 2 वर्षों में मंदिर के आसपास की जमीन की कीमतों में 300% से 500% तक का उछाल देखा गया है। प्रमुख प्लॉट अब ₹10,000 से ₹20,000 प्रति वर्ग फुट तक बिक रहे हैं।

  • दिग्गज कंपनियों का आगमन: टाटा, ओमेक्स और लोढ़ा ग्रुप जैसे बड़े डेवलपर्स ने अयोध्या में अपने आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।

अयोध्या: एक नजर में (2024 बनाम 2026)

मानक 2023-24 (प्रारंभिक) 2026 (वर्तमान)
वार्षिक पर्यटक ~5.75 करोड़ ~50 करोड़ (अनुमानित)
जिले की जीडीपी ~₹7,000 करोड़ ₹10,207 करोड़
हवाई अड्डा निर्माण चरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित
स्थानीय रोजगार सीमित होम-स्टे और गाइड्स की भारी मांग

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