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रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस: युगांडा में हुई ₹2 करोड़ की ठगी ने कैसे बना दिया एक्ट्रेस को अंतरराष्ट्रीय तस्कर?

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

बेंगलुरु। 22 मार्च 2026 प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा चार्जशीट ने कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव (हर्षवर्धिनी रान्या) और उनके सहयोगियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की धज्जियां उड़ा दी हैं। जांच में सामने आया है कि स्मगलिंग का यह खेल शुरू करने से पहले रान्या खुद एक बड़े फ्रॉड का शिकार हुई थीं।

? युगांडा के एजेंट ने ऐसे ठगा: ‘सोना दिखाने के बाद मांगे और पैसे’

जांच में खुलासा हुआ कि रान्या राव और उनके साथी तरुण कोंडुरु राजू ने शुरुआत में दुबई के बजाय सीधे अफ्रीकी देशों (युगांडा, केन्या, तंजानिया) से सोना खरीदने की कोशिश की थी।

  • पहला कदम: उन्होंने ‘बेन’ नाम के एक युगांडा स्थित एजेंट से 5 किलो सोने की डील की।

  • फ्रॉड: रान्या के पार्टनर राजू जनवरी 2024 में युगांडा की राजधानी कंपाला पहुंचे। वहां उन्हें एक रिफाइनरी में सोना दिखाया गया, लेकिन एजेंट ने उसे ‘रिलीज’ करने के लिए ₹1.70 करोड़ की अतिरिक्त मांग की।

  • नुकसान: कुल मिलाकर इस डील में उन्हें करीब ₹2 करोड़ का चूना लगा। केन्या में भी इसी तरह की कोशिश विफल रही, जिसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदलकर दुबई के ‘देरा गोल्ड सूक’ का रुख किया।

लेटेस्ट अपडेट के लिए: matribhumisamachar.com/ranya-rao-ed-chargesheet-updates

?️ VIP प्रोटोकॉल का दुरुपयोग: जांच एजेंसियों की बड़ी लापरवाही?

रिपोर्ट के अनुसार, रान्या राव ने अपने पिता (सौतेले पिता), जो कि एक वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं, के रसूख और मिलने वाले VIP प्रोटोकॉल का जमकर गलत इस्तेमाल किया।

  • वे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और कस्टम क्लीयरेंस से बचने के लिए अक्सर VIP गेट का इस्तेमाल करती थीं।

  • DRI (Directorate of Revenue Intelligence) की नजर उन पर उनकी बार-बार की दुबई यात्राओं (15 बार) के कारण पड़ी।

  • मार्च 2025 में जब उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पकड़ा गया, तब वे अपने शरीर पर टेप और पट्टियों की मदद से 14.2 किलो सोना छिपाकर ला रही थीं।

क्राइम सेक्शन: matribhumisamachar.com/crime/bengaluru-gold-smuggling-case

? रान्या राव स्मगलिंग केस: मुख्य आंकड़े

विवरणताजा जानकारी (ED चार्जशीट)
स्मगलिंग की अवधिमार्च 2024 से मार्च 2025
कुल तस्करी किया गया सोना127.28 किलो
अनुमानित कुल कीमत₹102.55 करोड़
जब्त संपत्ति (Attached Assets)₹34.12 करोड़ (जमीन और नगद)
मुख्य आरोपीरान्या राव, तरुण कोंडुरु, साहिल सकारिया जैन

ED की कार्रवाई: matribhumisamachar.com/national/ed-attaches-assets-in-smuggling-case

? हवाला और शेल कंपनियों का जाल

ED ने बताया कि स्मगलिंग के लिए ‘Vira Diamonds Trading LLC’ नाम की एक डमी कंपनी दुबई में बनाई गई थी। भारत में तस्करी के सोने को बेचने के बाद जो पैसा मिलता था, उसे हवाला (Hawala) चैनलों के जरिए वापस दुबई भेजा जाता था। जांच के दौरान रान्या के घर से ₹2.67 करोड़ नकद और ₹2 करोड़ से ज्यादा के जेवरात भी बरामद हुए हैं।

⚖️ वर्तमान स्थिति

रान्या राव वर्तमान में बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में बंद हैं। ED ने उनके साथ-साथ ज्वेलर साहिल सकारिया जैन को भी आरोपी बनाया है, जो तस्करी के सोने को ठिकाने लगाने में मदद करता था।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।