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हनुमान लोक जामसांवली: ₹30 में प्रसादम सेवा बनी आस्था का केंद्र, जानें यजमान सेवा का पूरा विवरण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

भोपाल । बुधवार, 22 अप्रैल 2026 

मध्य प्रदेश के नवगठित जिले पांढुर्ना में स्थित विश्व प्रसिद्ध चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ‘हनुमान लोक’ के प्रथम चरण (लागत लगभग ₹76 करोड़) के उद्घाटन के बाद से यहाँ आने वाले भक्तों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्रसादम सेवा: ₹30 में भरपेट भोजन

जामसांवली मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘प्रसादम सेवा’ ने सेवा और श्रद्धा की एक नई मिसाल पेश की है। यहाँ आने वाले हजारों भक्तों को मात्र ₹30 के कूपन पर पौष्टिक और शुद्ध सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • आंकड़े: इस सेवा की शुरुआत के पिछले 210 दिनों के भीतर 2 लाख से अधिक श्रद्धालु यहाँ भोजन कर चुके हैं।

  • विस्तार: बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने ‘न्यू प्रसादम-2’ काउंटर का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।

विशेष यजमान सेवा: ₹15,000 में पुण्य का अवसर

मंदिर के सचिव टीकाराम कारोकर के अनुसार, दानदाताओं और विशेष पूजा के इच्छुक भक्तों के लिए ₹15,000 की यजमान सेवा भी उपलब्ध है। इसके तहत:

  1. यजमान को भगवान हनुमान की विशेष पूजा और आरती में शामिल होने का अवसर मिलता है।

  2. यजमान की ओर से 50 प्रसादम कूपन अन्य जरूरतमंद श्रद्धालुओं को वितरित किए जाते हैं।

  3. अब तक 277 से अधिक श्रद्धालु इस सेवा के माध्यम से अपनी श्रद्धा अर्पित कर चुके हैं।

हनुमान लोक: नए विकास कार्य (नवीनतम अपडेट)

मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि/राम नवमी 2026 के अवसर पर हनुमान लोक के दूसरे चरण की भी घोषणा की है। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी:

  • अस्पताल: श्रद्धालुओं की आकस्मिक चिकित्सा के लिए 10 बेड का नया अस्पताल।

  • कनेक्टिविटी: कन्हान नदी पर नवनिर्मित पुल (लागत ₹30.50 करोड़) का उद्घाटन, जिससे नागपुर और छिंदवाड़ा से आने वाले यात्रियों को सुगमता होगी।

  • आधुनिक सुविधाएं: मंदिर परिसर में सौर ऊर्जा, बेहतर पार्किंग और अत्याधुनिक भक्त निवास का विस्तार।

स्वयंभू प्रतिमा का रहस्य

जामसांवली धाम अपनी ‘विश्राम मुद्रा’ (लेटे हुए) में विराजित हनुमान प्रतिमा के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि प्रतिमा की नाभि से निकलने वाला जल अत्यंत चमत्कारी है, जिसे पीने से मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक्स:

  • अधिक जानकारी के लिए मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट: jamsawlihanumanmandir.com

  • पांढुर्ना जिला प्रशासन पर्यटन सूचना: pandhurna.nic.in

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।