लोड हो रहा है...

कानपुर गल्ला मंडी में गेहूं और दलहन की मांग मजबूत, थोक भावों में दिखी हलचल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर । शुक्रवार, 22 मई 2026

उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक, कानपुर की चकरपुर गल्ला मंडी में आज कृषि जिंसों (agricultural commodities) के थोक भाव में अच्छी हलचल देखने को मिली। बाजार विश्लेषकों और स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले अनाज और दलहन की चौतरफा मांग बनी हुई है, जिससे आज का बाजार काफी सक्रिय और मजबूत नजर आया।

मंडी में आज गेहूं, अरहर, मूंग और तेल-तिलहन की कीमतें उनकी आवक (supply) और क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग स्तर पर दर्ज की गईं।

अनाज बाजार: फार्म गेहूं की कीमतों में भारी उछाल

मंडी से प्राप्त ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज सामान्य गेहूं का भाव ₹2,300 से लेकर ₹2,587 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। वहीं, प्रीमियम क्वालिटी वाले फार्म गेहूं की मांग सबसे मजबूत रही, जिसके कारण थोक बाजार में इसका भाव ₹2,800 से ₹2,850 प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर तक जा पहुंचा। इसके विपरीत, मोटे अनाजों में मक्का का बाजार शांत रहा और इसका भाव ₹1,700 प्रति क्विंटल पर स्थिर देखा गया।

दलहन और तिलहन: अरहर और मूंग को मिला मांग का सहारा

दलहन बाजार में आज अच्छी रौनक रही। प्रोटीन के मुख्य स्रोत अरहर (साबुत) की कीमतें ₹7,100 से ₹7,200 प्रति क्विंटल के बीच मजबूत बनी रहीं। वहीं मूंग के भाव में उसकी गुणवत्ता के आधार पर बड़ा अंतर देखा गया, जो ₹6,000 से लेकर ₹7,800 प्रति क्विंटल तक बिकी।

तेल और तिलहन सेगमेंट में भी तेजी का रुख बरकरार है:

  • अलसी (तिलहन): ₹6,000 से ₹7,000 प्रति क्विंटल

  • सरसों कोल्हू तेल: ₹16,100 से ₹16,200 प्रति क्विंटल

  • अलसी तेल: ₹16,400 से ₹16,500 प्रति क्विंटल

इसके अतिरिक्त, सब्जी व मसाला बाजार के तहत हरी अदरक का थोक भाव ₹6,450 प्रति क्विंटल के स्तर पर दर्ज किया गया।

बाजार का भविष्य 

व्यापारियों का मानना है कि वर्तमान में मौसम में हो रहे बदलाव और मंडियों में नई फसल की आवक की रफ्तार आने वाले दिनों में कीमतों को सीधे प्रभावित करेगी। यदि आने वाले दिनों में मौसम खराब होता है या लॉजिस्टिक्स में रुकावट आती है, तो कीमतों में ₹50 से ₹100 प्रति क्विंटल तक का सुधार (Correction) या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस समय उतार-चढ़ाव का दौर है। इसलिए सभी किसान भाई अपनी उपज को बाजार में बेचने के लिए लाने से पहले स्थानीय स्तर पर या विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन के बिल्कुल ताजा मंडी भाव की जानकारी जरूर ले लें, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।