नई दिल्ली | बुधवार, 22 जुलाई 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने संसद भवन की ओर मार्च कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज और अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), पुलिस कर्मियों के बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग (Body Camera Recordings) तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को बिना किसी छेड़छाड़ के सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
🏛️ मामला क्या है? संसद मार्च और पुलिस कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
यह मामला उस समय का है जब विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संसद भवन की ओर एक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का प्रयास किया था। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आवश्यकता से अधिक बल (Excessive Force) का प्रयोग किया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पुलिस द्वारा किए गए इस कथित लाठीचार्ज में कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। याचिकाओं के माध्यम से मांग की गई है कि:
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इस पूरी घटना की एक निष्पक्ष एवं स्वतंत्र समिति द्वारा जांच कराई जाए।
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अत्यधिक बल प्रयोग और नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
🔍 अदालत का रुख: साक्ष्यों की सुरक्षा प्राथमिक शर्त
दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाओं पर प्राथमिक सुनवाई करते हुए माना कि मामले के तथ्यात्मक पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि:
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डिजिटल सबूतों की सुरक्षा: घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी कैमरे, बॉडी वॉर्म कैमरे तथा मीडिया या व्यक्तिगत कैमरों की फुटेज को तुरंत प्रभाव से सील व सुरक्षित रखा जाए।
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जवाबदेही तय करना: केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस दोनों को एक निर्धारित समयावधि के भीतर अपना विस्तृत हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
हाई कोर्ट आगामी सुनवाई में पुलिस द्वारा बल प्रयोग की वैधानिकता, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन और प्रस्तुत साक्ष्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगा।
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. दिल्ली हाई कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन मामले में क्या आदेश दिया है?
उत्तर: कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज व बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
Q2. याचिकाओं में छात्र संगठनों की क्या मुख्य मांगें हैं?
उत्तर: याचिकाओं में अत्यधिक बल प्रयोग की निष्पक्ष स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
Q3. मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट किन बिंदुओं पर विचार करेगा?
उत्तर: अगली सुनवाई पर कोर्ट पुलिस कार्रवाई की कानूनी वैधानिकता, नियमों के पालन और प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की समीक्षा करेगा।
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख उपलब्ध अदालती कार्यवाहियों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सामान्य सूचनात्मक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। मामला अदालत में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय के समीक्षा एवं साक्ष्यों के आधार पर ही मान्य होगा।
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